समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र के अकौना गांव में किसान रघुवीर सहनी की हत्या का राज करीब ढाई महीने बाद खुल गया। पुलिस के अनुसार, हत्या के आरोप में मृतक के बेटे शिवशंकर सहनी को सूरत से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए हत्या से पहले अपना मोबाइल बंद कर दिया था, ताकि उसकी लोकेशन सूरत में ही बनी रहे। हालांकि, वारदात के करीब 36 घंटे बाद शाहपुर पटोरी स्टेशन पर मोबाइल ऑन कर पत्नी को किया गया एक फोन उसकी पूरी योजना पर भारी पड़ गया।
पुलिस के मुताबिक, शिवशंकर सूरत में मजदूरी करता था। उसने कथित तौर पर पहले से पिता की हत्या की योजना बना रखी थी। योजना के तहत वह ट्रेन से सूरत से बिहार पहुंचा। रास्ते में मालपुर के आसपास उतरने के बाद उसने मोबाइल बंद कर दिया। इसके बाद करीब पांच किलोमीटर पैदल खेतों के रास्ते अपने गांव पहुंचा।
पुलिस के अनुसार, रात करीब 12 बजे वह घर के पीछे के रास्ते से अंदर दाखिल हुआ। घर में रखी कुल्हाड़ी लेकर बाहर सो रहे पिता रघुवीर सहनी पर हमला कर दिया। कई वार किए जाने से उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद वह कुल्हाड़ी मौके पर ही छोड़कर वहां से निकल गया।
36 घंटे तक बंद रहा मोबाइल, पत्नी को किया फोन
हत्या के बाद शिवशंकर ने मोबाइल बंद रखा। पुलिस की तकनीकी जांच में करीब 36 घंटे तक उसकी मोबाइल लोकेशन सूरत से जुड़ी रही। इसके बाद शाहपुर पटोरी स्टेशन पहुंचने पर उसने कुछ देर के लिए मोबाइल ऑन किया और पत्नी से बात की।
पुलिस ने घटनास्थल के डंप डेटा और कॉल डिटेल की जांच की तो यह बातचीत जांच में अहम सुराग बन गई। पुलिस के सामने सवाल था कि सूरत में मौजूद बताया जा रहा व्यक्ति उसी दौरान शाहपुर पटोरी स्टेशन तक कैसे पहुंचा। मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य सुरागों को जोड़ने पर पुलिस का शक शिवशंकर पर गहरा गया।
सूरत से बिहार आया, हत्या के बाद फिर भागा
जांच में पुलिस के सामने आया कि शिवशंकर ने फिल्म ‘दृश्यम’ देखने के बाद हत्या की योजना बनाई थी। वह सूरत से ट्रेन के जरिए पहले हाजीपुर और फिर शाहपुर पटोरी पहुंचा था। वहां से ऑटो से आगे गया और गांव तक पहुंचने के लिए पैदल रास्ता चुना।
पिता की हत्या के बाद वह फिर ट्रेन से बिहार से बाहर निकल गया। पुलिस के मुताबिक, वह सूरत के बाद नई दिल्ली भी पहुंचा। वहां पुलिस की दबिश की जानकारी मिलने के बाद करीब 10 दिनों तक अलग-अलग ट्रेनों में ठिकाने बदलता रहा और अंत में सूरत पहुंचकर मजदूरी करने लगा।
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पिता से नाराजगी और जमीन विवाद की बात आई सामने
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने पिता से नाराजगी की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, पिता-पुत्र के बीच पारिवारिक विवाद और जमीन बेचने को लेकर तनाव था। इसी विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है।
मां ने बेटे और बहू को किया था नामजद
हत्या के बाद मृतक की पत्नी रामकली देवी ने हलई थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बेटे शिवशंकर सहनी और उसकी पत्नी मनीषा देवी को नामजद किया गया था। पुलिस ने तकनीकी जांच के साथ अन्य साक्ष्यों को जोड़कर शिवशंकर की तलाश शुरू की। सूरत में उसके होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शिवशंकर ने पिता की हत्या की बात स्वीकार की है।
अज्ञात हत्यारे से शुरू हुई जांच, बेटे तक पहुंची पुलिस
घटना के समय रघुवीर सहनी घर के बाहर सो रहे थे। शुरुआती जांच में पुलिस के सामने कोई स्पष्ट सुराग नहीं था। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास से साक्ष्य जुटाने के साथ तकनीकी जांच शुरू की।
डंप डेटा, मोबाइल लोकेशन और शाहपुर पटोरी स्टेशन से हुई संदिग्ध गतिविधि को जोड़ने के बाद जांच की दिशा मृतक के बेटे की ओर मुड़ी। इसके बाद पुलिस ने सूरत में उसकी मौजूदगी की पुष्टि की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
शाहपुर पटोरी के एसडीपीओ वीरेंद्र कुमार मेधावी के अनुसार, पुलिस टीम ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। पूछताछ में शिवशंकर ने हत्या की बात स्वीकार की है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, शिवशंकर ने करीब 36 घंटे तक मोबाइल बंद रखकर अपनी लोकेशन छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन पत्नी को किया गया एक फोन उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुआ। इसी कॉल ने पुलिस को उसकी गतिविधियों का सुराग दिया और ढाई महीने पुराने हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई।


