Homemade Curd vs Packaged Curd: भारतीय खान-पान में आज भी खाने के बाद दही खाया जाता है. इसलिए दही हमारी रोजमर्रा की जरूरतों में भी शामिल है. दही जितनी स्वादिष्ट होती है, लोग उतने ही चाव से इसका सेवन करते हैं. साथ ही दही में कई ऐसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं, जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं. दही में विटामिन बी12, प्रोटीन, कैल्शियम और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व होते हैं. लेकिन कौन-सी दही खाने में सेहतमंद और सुरक्षित है, यह भी जानना जरूरी है. क्या पैकेट वाली दही ज्यादा सेहतमंद है या घर पर बनाई हुई दही? आइए एक्सपर्ट से जानते हैं.
घर की दही बेहतर

डॉक्टर बिपिन विभूते के अनुसार, घर में बनाई हुई दही सबसे अच्छी होती है. वह बताते हैं कि गाय के दूध से तैयार दही कम गाढ़ी होती है, साथ ही इसमें प्रोटीन भी कम मात्रा में होता है. वहीं, भैंस के दूध से घर पर बनाई गई दही ज्यादा गाढ़ी होती है. इसमें प्रोटीन भी ज्यादा मात्रा में होता है.
ताजा दही में बैक्टीरिया की मात्रा
डॉक्टर बिपिन विभूते बताते है कि बैक्टीरिया की स्ट्रेंथ 12 से 24 घंटे में सबसे ज्यादा होती है. इसलिए घर में बनाया गया फ्रेश दही आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है. दही जितना ज्यादा दिन पुराना होता है, उसकी न्यूट्रिशन वैल्यू उतनी ही कम होगी. इसलिए दही को ज्यादा समय तक रखने के बजाय ताजा दही का सेवन करना बेहतर माना जाता है.
पैकेट वाली दही को लेकर सवाल

डॉक्टर बिपिन विभूते के मुताबिक, पैकेट वाली दही की लाइफ 10 से 25 दिन तक की होती है. इससे यह ठीक से नहीं समझ आता है कि उस दही में कितने बैक्टीरिया लाइव होते हैं, कितने अच्छे बैक्टीरिया होते हैं और न्यूट्रिशन वैल्यू कितनी होती है. साथ ही यह भी हो सकता है कि दही की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए केमिकल का भी इस्तेमाल किया गया हो. ऐसे में घर में बनाया हुआ दही ही ज्यादा सुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है.
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