जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा का कहना है कि बंदी को सजा सुनाए जाने के बाद उसके लिए जेल के नियम बदल जाते हैं। बंदी को जेल के कपड़े पहने पड़ते हैं। मुस्कान आसमानी रंग की साड़ी या सलवार सूट पहन सकती है। साहिल पीले रंग के कपड़े पहनेगा।
जेल बदलने की मांग पर अडिग परिजन
18 मार्च 2025 के बाद साहिल और मुस्कान को 17 अप्रैल 2026 को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान परिजनों ने मुस्कान को देखा था। सौरभ की मां रेनू देवी और भाई बबलू ने समाज को झकझोर देने वाली वारदात के आरोपियों के रहन सहन को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा है कि दोनों दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद वह दोनों को दूसरे जिले की अलग-अलग जेलों में भेजने की मांग करेंगे।
यह था मामला
शास्त्री की कोठी के सामने रहने वाली मुस्कान रस्तौगी ने अपने प्रेमी रंजन वाली गली निवासी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की तीन मार्च 2025 की रात हत्या कर दी थी। दोनों आरोपियों ने सौरभ का सिर और कलाइयां काटकर नीले ड्रम में सीमेंट से चिन दिया था।
इसके बाद दोनों घूमने के लिए हिमाचल चले गए थे। 17 मार्च को मेरठ लौटने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके साथ ही पुलिस ने नीले ड्रम से सौरभ के शरीर के टुकड़े भी बरामद किए थे। 18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई इंद्रानगर निवासी बबलू ने इस संबंध में ब्रह्मपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।






