
अगर आप भी बाजार से पैकेज्ड एडिबल ऑयल या ऑनलाइन चॉकलेट खरीदते हैं, तो यह जानकारी आपके काम की है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलने के बाद दो कंपनियों के लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिए हैं. जांच के दौरान इन कंपनियों की यूनिट में गंदगी, कीड़े-मकौड़े, सीवेज का पानी, बिल्ली की गंदगी और एक्सपायर्ड फूड कलर्स जैसी कई खामियां सामने आईं.
FSSAI की यह कारवाई 1 अक्टूबर 2026 को मैसर्स शिवम एग्रो और मैसर्स टीसीएफ चॉकलेट्स एंड गिफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ की गई है. इन दोनों कंपनियों को लाइसेंस सस्पेंड रहने के दौरान अपना कारोबार बंद रखने और सभी कमियों को दूर करने के बाद अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है.
चॉकलेट फैक्ट्री में मिली बिल्ली की गंदगी
दरअसल, TCF चॉकलेट्स एंड गिफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ यह कार्रवाई एक ग्राहक की शिकायत के बाद की गई. जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से चॉकलेट मंगाई थी, लेकिन उसकी क्वालिटी को लेकर उसने शिकायत दर्ज की थी. इसके बाद अधिकारियों ने कंपनी की यूनिट का जांच किया. जांच के दौरान चॉकलेट तैयार करने वाले इलाके में कई कमियां पाई गई.
The licences of FBOs M/s Shivam Agro and M/s TCF Chocolates & Gifts Pvt. Ltd. have been suspended with immediate effect following serious food safety violations identified during inspection. The action reinforces the importance of food safety, hygiene & regulatory compliance. https://t.co/sGHeyBUDjx
— FSSAI (@fssaiindia) October 1, 2026
- फैक्ट्री में कुछ जगह खुली नालियां भी मिलीं.
- प्रोसेसिंग एरिया में बिल्ली की गंदगी और कीड़े-मकौड़े पाए गए.
- पिछली जांच में यूनिट का अनुपालन स्कोर सिर्फ 14 प्रतिशत दर्ज किया गया था.
- कर्मचारियों की साफ-सफाई भी सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था.
- चॉकलेट में इस्तेमाल होने वाले कुछ फूड कलर्स और फ्लेवर्स की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी.
- कच्चे माल और चॉकलेट बनाने वाली सामग्री के पास सफाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल रखे गए थे.
- चॉकलेट लिक्विड को ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पाइप फूड-ग्रेड प्रमाणित नहीं पाए गए.
- कर्मचारियों के लिए मेडिकल जांच, पेस्ट कंट्रोल और लैब टेस्टिंग से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले.
शिवम एग्रो की फैक्ट्री में क्या-क्या मिली?
FSSAI की टीम ने एडिबल ऑयल बनाने वाली शिवम एग्रो के परिसर की जांच की. इस दौरान फैक्ट्री में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियां पाई गईं. फैक्ट्री परिसर में सीवेज का गंदा पानी जमा था और जगह-जगह मक्खियां, कचरा व मकड़ियों के जाले मिले. सिर्फ इतना ही नहीं तेल बनाने और पैक करने वाले हिस्से में चूहों की मौजूदगी के साथ पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था भी अच्छी नहीं थी. वहीं, तेल की ब्लेंडिंग के लिए जंग लगे लोहे के टैंक और बर्तनों का इस्तेमाल किया जा रहा था.
Amazon और Flipkart सेल में कौनसा कार्ड देगा सबसे ज्यादा डिस्काउंट?

