लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

7 अक्टूबर को RBI का फैसला, रेपो रेट बदला तो आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

अक्टूबर महीने में आम लोगों की नजर RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर है. RBI की 6 सदस्यीय MPC की बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगी और 7 अक्टूबर को रेपो रेट पर फैसला आएगा. फिलहाल रेपो रेट 5.25% है.

इस बार सवाल इसलिए बड़ा है क्योंकि महंगाई बढ़ रही है, कच्चे तेल की कीमतें ऊंची हैं और रुपये पर भी दबाव है. ऐसे में बाजार में रेपो रेट बढ़ने की चर्चा तेज है. हालांकि, RBI का फैसला 7 अक्टूबर को ही सामने आएगा. अब समझते हैं कि अगर RBI रेपो रेट बढ़ाता है तो आपकी EMI और FD पर क्या असर पड़ेगा.

रेपो रेट क्या होता है?
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को कम अवधि के लिए पैसा देता है. जब RBI इस दर को बढ़ाता है तो बैंकों के लिए RBI से पैसा लेना महंगा हो जाता है. इसका असर आगे चलकर बैंक के लोन और ब्याज दरों पर पड़ सकता है. वहीं अगर RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंकों के लिए फंडिंग लागत कम होने की संभावना रहती है.

EMI पर क्या असर पड़ेगा?
अगर RBI 7 अक्टूबर को रेपो रेट में 0.25% यानी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करता है, तो खासतौर पर फ्लोटिंग रेट वाले लोन पर इसका असर पड़ सकता है. मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 50 लाख रुपए का होम लोन 20 साल के लिए लिया है. अगर ब्याज दर 8.5% से बढ़कर 8.75% हो जाती है तो EMI करीब 43,391 रुपए से बढ़कर 44,186 रुपए हो सकती है. यानी करीब 795 रुपए प्रति महीने का फर्क पड़ सकता है.

हालांकि, इसका असर आपके बैंक, लोन के ब्याज मॉडल, बकाया रकम और बाकी अवधि पर निर्भर करेगा. हर बैंक रेपो रेट में बदलाव को बिल्कुल उसी अनुपात में और तुरंत ग्राहक तक पहुंचाए, यह जरूरी नहीं है.

होम लोन पर क्या पड़ेगा असर?
रेपो रेट में बढ़ोतरी का असर होम लोन के अलावा दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले लोन पर भी पड़ सकता है. इसमें कुछ पर्सनल लोन और ऑटो लोन भी शामिल हो सकते हैं. इसलिए जिन लोगों की EMI पहले से चल रही है, उनके लिए 7 अक्टूबर का फैसला महत्वपूर्ण है.

हालांकि, अगर आपका लोन फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट पर है तो रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर आमतौर पर आपकी मौजूदा EMI पर नहीं पड़ता.

RBI रेपो रेट नहीं बढ़ाता तो?
अगर 7 अक्टूबर को RBI रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखता है, तो मौजूदा ब्याज दरों में तुरंत कोई बड़ा बदलाव जरूरी नहीं है. ऐसी में जिन लोगों की EMI चल रही है, उन्हें RBI के फैसले से सीधे अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा. वहीं FD निवेशकों को भी मौजूदा FD पर वही तय ब्याज मिलता रहेगा.

रेपो रेट घटा तो क्या होगा?
अगर उम्मीद के उलट RBI रेपो रेट में कटौती करता है तो इसका असर कर्ज लेने वालों के लिए राहत के रूप में आ सकता है. फ्लोटिंग रेट वाले लोन की ब्याज दर कम होने पर EMI घट सकती है या लोन की अवधि कम हो सकती है.

लेकिन FD निवेशकों के लिए इसका दूसरा पहलू है. रेपो रेट घटने पर बैंक आगे चलकर नई FD की ब्याज दरें कम कर सकते हैं. यानी भविष्य में FD कराने वाले लोगों को पहले के मुकाबले कम रिटर्न मिल सकता है.

Amazon और Flipkart सेल में कौनसा कार्ड देगा सबसे ज्यादा डिस्काउंट?

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment