Hibiscus Plant Care: गुड़हल का पौधा घर की बालकनी, छत या गार्डन की खूबसूरती बढ़ा देता है. इसके बड़े और रंग-बिरंगे फूल देखने में जितने सुंदर लगते हैं, पौधे की देखभाल करना उतना ही आसान माना जाता है. लेकिन कई बार अच्छी देखभाल के बावजूद गुड़हल के पत्ते धीरे-धीरे पीले पड़ने लगते हैं.
कुछ पत्ते सूखकर गिर भी जाते हैं. ऐसे में पौधे को देखकर समझ नहीं आता कि आखिर गलती कहां हो रही है. अगर आपके गुड़हल के पौधे के साथ भी ऐसा हो रहा है, तो सबसे पहले पानी, धूप और मिट्टी की स्थिति पर ध्यान दें. कई बार छोटी-सी गलती की वजह से पत्तियां पीली (Hibiscus Plant Care) होने लगती हैं.

जरूरत से ज्यादा पानी देना हो सकता है कारण
गुड़हल को पानी जरूर चाहिए, लेकिन गमले की मिट्टी में लगातार पानी जमा रहना पौधे के लिए ठीक नहीं होता. ज्यादा पानी देने से जड़ों के आसपास हवा की कमी हो सकती है और जड़ें खराब होने लगती हैं. इसका असर सबसे पहले पत्तियों पर दिखाई दे सकता है.
अगर मिट्टी ऊपर से भी काफी गीली है, तो तुरंत दोबारा पानी न डालें. पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी परत को उंगली से छूकर (Hibiscus Plant Care) देखें. साथ ही गमले के नीचे पानी निकलने के लिए ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए.
बहुत कम पानी भी कर सकता है पत्ते पीले
सिर्फ ज्यादा पानी ही नहीं, लंबे समय तक मिट्टी का बहुत सूखा रहना भी पौधे के लिए परेशानी पैदा कर सकता है. अगर मिट्टी बार-बार पूरी तरह सूख जाती है और पौधे को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो पत्तियां मुरझाने या पीली पड़ने लग सकती हैं.
इसलिए पानी देने का कोई एक तय शेड्यूल रखने के बजाय मिट्टी की नमी देखकर फैसला करें. मौसम और गमले के आकार के हिसाब से पौधे की पानी की जरूरत बदल सकती है.
धूप की कमी से बिगड़ सकता है पौधे का रंग
गुड़हल को अच्छी रोशनी पसंद होती है. अगर पौधा ऐसी जगह रखा है जहां उसे पर्याप्त धूप या रोशनी नहीं मिलती, तो उसकी ग्रोथ प्रभावित हो सकती है और पत्तियां कमजोर नजर आ सकती हैं.
पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिले. हालांकि बहुत तेज गर्मी में अचानक तेज धूप में रखने के बजाय पौधे की स्थिति और मौसम को देखकर जगह तय करना बेहतर है.
Hibiscus Plant Care: मिट्टी और पोषक तत्वों पर भी दें ध्यान
गमले की मिट्टी बहुत ज्यादा सख्त हो जाए या उसमें पानी ठीक से न निकले, तो पौधे की जड़ों को परेशानी हो सकती है. गुड़हल के लिए ऐसी मिट्टी बेहतर रहती है जिसमें पानी रुकने के बजाय आसानी से निकल सके.
अगर लंबे समय से पौधे की मिट्टी नहीं बदली है और ग्रोथ भी कमजोर है, तो मिट्टी की स्थिति जांचें. जरूरत के अनुसार अच्छी गुणवत्ता वाली पॉटिंग मिक्स और पौधों के लिए उपयुक्त खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है. खाद हमेशा जरूरत के हिसाब से ही दें, क्योंकि ज्यादा खाद भी पौधे को नुकसान पहुंचा सकती है.
पीले पत्तों के साथ कीट भी देखें
- कभी-कभी पत्तियों का रंग बदलने के पीछे छोटे कीट भी जिम्मेदार हो सकते हैं.
- पत्तों की नीचे वाली सतह, नई पत्तियों और तनों को ध्यान से देखें.
- अगर वहां छोटे कीड़े, चिपचिपापन या असामान्य निशान दिखाई दें, तो समस्या की पहचान करके उसी के अनुसार पौधे का उपचार करें.
- सिर्फ पीले पत्ते देखकर तुरंत कोई घरेलू नुस्खा या तेज केमिकल इस्तेमाल करने से बचें.
यह भी पढ़ें: बीज खरीदने की जरूरत नहीं, सिर्फ 1 पत्ती से घर में उगाएं ये खूबसूरत पौधे
The post गुड़हल के पत्ते बार-बार पीले पड़ रहे हैं? इन 5 गलतियों को तुरंत सुधारें appeared first on Prabhat Khabar.

