आज के समय में लोग अलग-अलग जगह पर अपने भविष्य के लिए बचत कर रहे हैं, जिसके लिए लोग FD से लेकर SIP तक में निवेश कर रहे हैं, ताकि रिटायरमेंट के बाद यही बचत के पैसे उनके जरूरी खर्चों को पूरा कर सके. अगर आप भी SIP में जमा करते हैं और 40 साल की उम्र तक आपने 1 करोड़ तक का फंड तैयार कर लिया है तो ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आ सकता है कि क्या इसमें निवेश करते रहना अभी भी बेहतर रहेगा या अगर SIP को रोक दिया जाता है तो क्या पैसे बढ़ने भी बंद हो जाएंगे या नहीं? अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो जानिए.
इसका जवाब है नहीं. अगर आप SIP बंद करते हैं तो इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि आपका पैसा बढ़ना ही बंद हो जाएगा. अगर आपने पहले से ही करोड़ रुपये निवेश किए हैं तो ऐसे में अगर आप नई SIP नहीं भी डालते हैं तो उस रकम पर रिटर्न मिल सकता है.
बंद करने के बाद भी बढ़ेंगे पैसे
खास बात तो यह है कि समय के साथ मिलने वाले रिटर्न भी उसी फंड में एड होता है और उस बढ़ी हुई रकम पर भी रिटर्न मिल सकता है, जिसे ही कंपाउंडिंग कहा जाता है. मतलब साफ है कि अगर आप पैसा नहीं भी लगाते हैं तो ऐसी स्थिति में भी आपका 1 करोड़ का फंड आगे बढ़ेगा.
1 करोड़ का फंड 10 साल में कैसे बनेगा 3 करोड़?
अगर इसे आसानी से समझा जाए जैसे…
- शुरुआती रकम- 1 करोड़
- निवेश की अविध- 10 साल
- उम्र- 40 से 50 साल
- अनुमानित सालान रिटर्न – 12 प्रतिशत
- 10 साल में अनुमानित रिटर्न – लगभग 2 करोड़ से ऊपर
- 50 साल की उम्र में अनुमानित फंड- लगभग 3 करोड़ से ऊपर
यानी 1 करोड़ की रकम 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न के आधार पर 10 साल में बढ़कर 3 करोड़ से भी ऊपर हो सकती है.
क्या सभी को 3 करोड़ का फंड मिलेगा?
अब सबसे बड़ा सवाल ही यही है कि क्या अब सभी निवेशक को 3 करोड़ से ज्यादा का ही फंड मिलेगा तो असल में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. क्योंकि इसके पीछे कई सारे कारण है जैसे…
- निवेश करने पर जो रिटर्न मिलता है वो असल में बाजार के हिसाब से बदलता रहता है.
- आपको कितना बढ़ा हुआ पैसा मिलेगा वो इस बात पर निर्भर करता है कि आपने अपने पैसे लगाए कहां हैं.
- इसके अलावा भी कई चीजों पर ध्यान देना पड़ता है, इसलिए ये समझ लेना कि सभी को एक जैसा ही रिटर्न मिलेगा तो ये गलत है.
- रिटर्न हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है.
उम्र के हिसाब से प्लानिंग करें
सबसे जरूरी बात तो यह है कि बढ़ती उम्र के साथ ही जरूरतें भी बदल सकती है जैसे आपको 40 की उम्र में कुछ जरूरतें होंगी तो वहीं 50 तक की उम्र में अलग जरूरतें होंगी. इसलिए समय के साथ ही भविष्यों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निवेश की प्लानिंग पर ध्यान देना चाहिए. साथ ही केवल फंड बढ़ाने की तरफ ही न देखें, ये भी देखें कि आगे चलकर बच्चों की पढ़ाई, बीमारी और दूसरी जरूरतों के लिए कितने पैसों की जरूरत पड़ सकती है.


