पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पुलिस ने रेजीनगर उपचुनाव में भाग्य आजमा रहे निर्दलीय उम्मीदवार को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 2021 के एक पुराने मामले में की गई है। इससे पहले नंदीग्राम सीट से ताल ठोक रहे कांग्रेस के प्रत्याशी पर भी कार्रवाई हुई है।
6 अक्तूबर को होने हैं चुनाव
रेजीनगर में हुई कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) से भी जुड़े हैं। एजेयूपी का नेतृत्व हुमायूं कबीर करते हैं। सैफुल की गिरफ्तारी से एक दिन पहले नंदीग्राम में कांग्रेस के मिलन प्रधान को भी पकड़ा गया था। मिलन प्रधान नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार हैं। सैफुल इस्लाम की गिरफ्तारी भूमि अधिग्रहण आंदोलन के लगभग दो दशक पुराने मामले में हुई। गौरतलब है कि 6 अक्तूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव होने हैं।
किन दो सीटों पर उपचुनाव की नौबत, कारण क्या?
मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट खाली की है, जबकि हुमायूं कबीर ने 2026 विधानसभा चुनाव में नवादा सीट बरकरार रखने के बाद रेजीनगर सीट छोड़ दी। एजेयूपी ने रेजीनगर उपचुनाव के लिए कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है।
एजेयूपी प्रमुख पर क्या आरोप हैं?
बहरामपुर पुलिस ने शनिवार को एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर को नोटिस भेजा। उन्हें 21 सितंबर को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा गया है। यह मामला दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की कथित साजिश से जुड़ा है। पुलिस ने गत 14 सितंबर को मामला दर्ज करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जारी की थी।
पार्टी के राज्य सचिव क्यों गिरफ्तार हुए?
पुलिस ने 18 सितंबर को एजेयूपी के राज्य सचिव आशिक इकबाल को भी गिरफ्तार किया। उन्हें मुर्शिदाबाद जिले में वाहन जांच के दौरान पुलिस पिकेट पर पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक उनके पास से बड़ी मात्रा में नकली मुद्रा और अवैध हथियार मिले। इकबाल के साथ यात्रा कर रहे एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।


