सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर 21 सितंबर को सुनवाई करने पर सहमति जताई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई सोमवार को होगी, क्योंकि एसआईआर से जुड़े अन्य मामले भी अगले सप्ताह सूचीबद्ध हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दावा किया कि दिल्ली में करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिनमें से 33 लाख लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने नोटिस पाने वालों के नाम और नाम हटाने के आधार सार्वजनिक नहीं किए हैं।
मसौदा सूची से हटाए गए 47 लाख नाम
चुनाव आयोग ने 31 अगस्त को एसआईआर के तहत दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की थी। इसमें कुल करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख नाम हटाए गए। आयोग के अनुसार, इनमें 43.32 लाख से अधिक मतदाता ऐसे पाए गए जो स्थानांतरित हो चुके थे या अपने पते पर अनुपस्थित थे, जबकि करीब 2.82 लाख मतदाता मृत पाए गए और 1.41 लाख से अधिक मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत थे।


