- बिजली आपूर्ति सितंबर 2026 से दिसंबर 2026 तक होगी।
देश हो या विदेश बिजली-पानी के बिना रहना मुश्किल है. लेकिन अगर किसी कारणवश कोई देश बिजली की कमी से जूझ रहा हो, तो ऐसे ही समय में पड़ोसी देश मदद के लिए आगे आते हैं और ऐसा ही कुछ भारत ने भी किया है.
इस बीच भारत ने नेपाल को बिजली सप्लाई करने की दिशा में अहम कदम उठाया है. हाल ही में नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने सभी को हिलाकर रख दिया. बाढ़ में मकान से लेकर गाड़ी तक को नुकसान पहुंचा. नेपाल में इसका गहरा असर वहां कि बिजली उत्पादन क्षमता पर भी पड़ा है, जिसके बाद अब भारत नेपाल को अतिरिक्त बिजली सप्लाई करेगा.
नेपाल को बिजली जरूरत क्यों पड़ी?
दरअसल, भीषण बाढ़ के कारण नेपाल के कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बुरी तरह प्रभावित हुए, जिसकी वजह से नेपाल में बिजली उत्पादन क्षमता पर असर देखने को मिला. लेकिन नेपाल के इतने मुश्किल भरे समय में भारत मदद के लिए आगे आया.
भारत नेपाल को भेजेगा बिजली
बता दें कि भारत ने नेपाल को बिजली की अतिरिक्त सप्लाई देने का फैसला किया है. बिजली दो ट्रांसमिशन लाइनों के जरिए ही नेपाल पहुंचेगी. इनमें शामिल है…
- टनकपुर-महेंद्रनगर 132 KV सिंगल-सर्किट लाइन से अधिकतम 54 MW
- मुजफ्फरपुर-ढलकेबार 400 KV डबल-सर्किट लाइन से अधिकतम 600 MW
बिजली मंत्रालय ने दी मंजूरी
सबसे जरूरी बात तो यह है कि बिजली मंत्रालय ने नेपाल बिजली एक्सपोर्ट करने की मंजूरी दी दे है. इससे नेपाल की बिजली जरूरत काफी हद तक पूरी हो सकती है.
कब से कब तक की जाएगी बिजली सप्लाई
अब जब भारत ने नेपाल को 654 MW तक की बिजली एक्सपोर्ट करने की परमिशन दे दी है. ये बिजली 13 सितंबर 2026 से लेकर 31 दिसंबर 2026 तक सप्लाई की जाएगी. हर दिन 18 घंटे नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी को 654 MW तक की बिजली एक्सपोर्ट की जाएगी.
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भारत ने इस पड़ोसी देश की भी मदद की
अभी कुछ समय पहले भारत का पड़ोसी देश बांग्लादेश भी बिजली संकट से जूझ रहा था. इस दौरान बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल सप्लाई की मदद मांगी थी. हालांकि, भारत लंबे समय से ही बांग्लादेश को बिजली देता है, लेकिन बिजली संकट के दौरान भारत ने बिजली और ईंधन की आपूर्ति जारी रखी, ताकि वहां पर बिजली संकट से राहत मिले.
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