फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ‘कैश ऑन डिलीवरी’ यानी डिलीवरी के वक्त नकद भुगतान विकल्प चुनने पर ग्राहकों से पांच से 20 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लेगी। यह नया शुल्क एप के बिल विवरण में ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ के नाम से अलग से जोड़ा गया है। हालांकि, जो उपभोक्ता यूपीआई व अन्य तरीके से ऑनलाइन भुगतान करेंगे उन पर यह अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा।
जोमैटो ने बताया कि उसके बिल में अब पे ऑन डिलीवरी फीस नाम से एक अलग चार्ज दिखाई देगा। यह शुल्क उन ग्राहकों पर लागू होता है, जो ‘कैश ऑन डिलीवरी’ यानी फूड सप्लाई के समय भुगतान करने का विकल्प चुनते हैं। यह शुल्क सभी ऑर्डर के लिए समान नहीं है। अलग-अलग यूजर्स और ऑर्डर की राशि के आधार पर यह फीस भी अलग दिखाई देगी। कंपनी ने अभी तक फीस तय करने का कोई सटीक फॉर्मूला नहीं बताया है। फिलहाल यह फीस ऑर्डर की राशि, ग्राहक के स्थान या किसी अन्य मानदंड से जुड़ा है।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फीस को तय करने का सटीक आधार क्या है और क्या यह ऑर्डर की वैल्यू, लोकेशन या दूसरे पैरामीटर्स जैसे फैक्टर्स से जुड़ा है, इसका तुरंत पता नहीं चल सका। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म अलग-अलग फीस स्ट्रक्चर और मॉनेटाइजेशन मॉडल्स के साथ प्रयोग कर रहे हैं।
कैश-ऑन-डिलीवरी ऑर्डर्स पर नई फीस के अलावा, जोमैटो प्लेटफॉर्म पहले से ही फूड ऑर्डर्स पर प्लेटफॉर्म फीस वसूलता है। इसके साथ ही ऑर्डर के आधार पर डिलीवरी, पैकेजिंग और अन्य चार्ज भी लागू होते हैं। जोमैटो की कॉम्पिटीटर स्विगी अभी कैश-ऑन-डिलीवरी ऑर्डर्स पर कोई अलग फीस नहीं ले रही है।


