लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Family भी चाहिए, Freedom भी, आखिर किस बात को लेकर Confuse है Gen Z?

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Gen Z Relationship With Parents: मुझे अपने माता-पिता से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन हर बात में उनकी राय जरूरी नहीं है." आज की जेन Z के रिश्तों को समझने के लिए शायद यह बात काफी है. यह जेनरेशन फैमिली से जुड़ी हुई है, माता-पिता की सलाह और सपोर्ट को महत्व देती है, लेकिन अपनी जिंदगी के कुछ फैसले खुद लेना भी चाहती है. करियर हो, दोस्त हों, पैसे हों या रिलेशनशिप, जेन Z चाहती है कि फैमिली उसके साथ रहे, लेकिन हर फैसले की कमान उसके हाथ में हो.

यह सिर्फ एक आम सोच नहीं है. कई रिसर्च में जेन Z के बीच फैमिली, अपनी पहचान और पर्सनल स्पेस को लेकर बदलती सोच सामने आई है. Deloitte की 2025 Gen Z and Millennial Survey में भारत के 505 जेन Z और 304 मिलेनियल्स समेत 809 लोगों से बात की गई थी. इसमें 56 फीसदी भारतीय जेन Z ने दोस्तों और फैमिली को अपनी पहचान के लिए सबसे अहम बताया. यानी फैमिली की अहमियत कम नहीं हुई है, लेकिन उसके साथ रिश्ते को देखने का तरीका जरूर बदल रहा है.

फैमिली आज भी जेन Z की पहचान का बड़ा हिस्सा

जेन Z को अक्सर ऐसी जेनरेशन के तौर पर देखा जाता है जो अपनी आजादी और अपनी पसंद को सबसे ऊपर रखती है. लेकिन रिसर्च की तस्वीर इससे थोड़ी अलग है. Deloitte की भारतीय रिपोर्ट के मुताबिक, 56 फीसदी जेन Z के लिए दोस्त और फैमिली उनकी पहचान का सबसे अहम हिस्सा हैं. इससे पता चलता है कि परिवार आज भी इस जेनरेशन के लिए काफी मायने रखता है.

यानी बात परिवार से दूर जाने की नहीं है. जेन Z फैमिली से जुड़ी रहना चाहती है, लेकिन साथ ही अपनी अलग पहचान भी बनाए रखना चाहती है. वह चाहती है कि घर ऐसी जगह हो जहां अपनी बात खुलकर कही जा सके और हर बात पर खुद को सही साबित करने की जरूरत न पड़े.

प्यार और परवाह रहे, लेकिन हर बात पर रोक-टोक नहीं

भविष्य को लेकर सोचती हुई महिला की सांकेतिक तस्वीर, PC - AI
भविष्य को लेकर सोचती हुई महिला की सांकेतिक तस्वीर, PC – AI

यहीं से बॉउंड्रीज की बात शुरू होती है. जेन Z के लिए बॉउंड्रीज का मतलब फैमिली से दूरी बनाना नहीं है. इसका मतलब है कि जिंदगी के कुछ फैसलों में उसे अपनी पसंद रखने की जगह मिले.

मसलन, कौन सा करियर चुनना है, किस शहर में नौकरी करनी है, दोस्तों के साथ कितना समय बिताना है या अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में कितना बताना है. इन मामलों में सलाह मिलना उसे बुरा नहीं लगता, लेकिन आखिरी फैसला खुद लेने की इच्छा इस जेनरेशन में काफी देखने को मिलती है.

ET-Snapchat Gen Z Index की 2025 की रिसर्च में भी जेन Z के बारे में बताया गया कि उसकी पहचान उसके लिए बहुत अहम है और फैमिली भी उसकी जिंदगी का जरूरी हिस्सा है, लेकिन इन रिश्तों में साफ बॉउंड्रीज की जगह है. यह रिसर्च Kantar ने की थी और इसमें जेन Z की सोच, व्यवहार, काम, पैसे और भावनात्मक सेहत जैसे पहलुओं को देखा गया.

"मुझे अपना पर्सनल स्पेस चाहिए" का मतलब रिश्ता खत्म करना नहीं

पर्सनल स्पेस की बात जेन Z के रिश्तों में अक्सर सुनाई देती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि युवा अपने माता-पिता या फैमिली से कटना चाहते हैं.

Gallup और Walton Family Foundation की 2024 की रिसर्च में 10 से 18 साल के बच्चों और उनके माता-पिता से बात की गई. इसमें 19 फीसदी जेन Z बच्चों ने कहा कि वे चाहते हैं कि उनके माता-पिता उनकी भावनाओं, सोच और राय को बेहतर तरीके से समझें. वहीं 16 फीसदी बच्चों ने कहा कि वे चाहते हैं कि माता-पिता उनकी आजादी और पर्सनल स्पेस की जरूरत को बेहतर समझें.

इस रिसर्च को भारतीय जेन Z पर हुई रिसर्च नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन यह जरूर दिखाती है कि इस जेनरेशन के रिश्तों में समझ और अपनी जगह की जरूरत कितनी अहम हो सकती है.

माता-पिता से Advice चाहिए, लेकिन Decision अपना

जेन Z की सोच को समझने के लिए एक और फर्क देखना जरूरी है. यह जेनरेशन सलाह और फैसले को एक ही चीज नहीं मानती. उसे माता-पिता से करियर की सलाह चाहिए हो सकती है. वह नौकरी बदलने, आगे पढ़ाई करने या किसी बड़े फैसले पर घरवालों से बात भी कर सकती है. लेकिन बातचीत के बाद फैसला खुद लेना चाहना भी उसके लिए उतना ही सामान्य हो सकता है.

यहीं कई बार माता-पिता और बच्चों की सोच में अंतर दिखाई देता है. माता-पिता को लगता है कि उनकी सलाह नहीं मानी गई, जबकि युवा के लिए सलाह सुनना और उसे मानना दो अलग बातें हैं. इसलिए बॉउंड्रीज का मतलब हमेशा बगावत नहीं होता. कई बार यह सिर्फ अपनी जिंदगी की जिम्मेदारी खुद लेने की कोशिश होती है.

करियर में भी अपनी पसंद का Decision चाहती है जेन Z

जेन Z की यह सोच सिर्फ फैमिली या रिलेशनशिप तक सीमित नहीं है. करियर को लेकर भी यह जेनरेशन अपनी पसंद और जरूरत को काफी महत्व देती है.

Deloitte की 2025 की भारतीय रिपोर्ट में 86 फीसदी भारतीय जेन Z ने कहा कि नौकरी से मिलने वाली संतुष्टि और अपनी भलाई के लिए काम में एक उद्देश्य होना जरूरी है. रिपोर्ट में वर्क-लाइफ बैलेंस और आर्थिक आजादी को भी जेन Z के लिए अहम बताया गया है.

इसलिए सिर्फ यह कहना कि "अच्छी नौकरी मिल रही है तो कर लो" हर युवा के लिए काफी नहीं हो सकता. जेन Z यह भी देखना चाहती है कि काम उसकी जिंदगी और भविष्य के साथ कितना सही बैठता है. यही सोच कई बार घरवालों की पसंद से अलग हो सकती है.

फाइनेंशियल फ्रीडम भी बदल रही है फैमिली की इक्वेशन

पैसों को लेकर भी जेन Z अपनी जिंदगी के फैसलों को आर्थिक स्थिति से जोड़कर देख रही है. Deloitte की 2026 की भारतीय रिपोर्ट के मुताबिक, 54 फीसदी भारतीय जेन Z ने बताया कि उन्होंने आर्थिक वजहों से जिंदगी के बड़े फैसले टाले हैं. वहीं 60 फीसदी से ज्यादा लोगों ने कहा कि घर की बढ़ती कीमतों का असर उनके करियर से जुड़े फैसलों पर पड़ता है.

ऐसे में आर्थिक रूप से अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा सिर्फ ज्यादा पैसे कमाने तक सीमित नहीं रहती. अपनी कमाई और अपने फैसलों के बीच सीधा रिश्ता भी बनता है. जब युवा खुद कमाने लगता है, तो वह अपनी जिंदगी के कई फैसलों में ज्यादा आजादी महसूस कर सकता है.

बदल रहे हैं Gen Z के Family Relations के मायने

जेन Z के लिए फैमिली का मतलब सिर्फ एक ही घर में रहना या हर फैसला मिलकर लेना नहीं है. उसके लिए फैमिली वह भी है जहां उसकी बात सुनी जाए, उसकी पसंद को जगह मिले और जरूरत पड़ने पर सपोर्ट मिले.

इसलिए अगर कोई जेन Z युवा कहता है कि "मुझे अपना स्पेस चाहिए", तो इसका मतलब हमेशा यह नहीं होता कि वह फैमिली से दूर जाना चाहता है. कई बार वह सिर्फ इतना कह रहा होता है कि रिश्ता बना रहे, लेकिन उसमें उसकी अपनी पहचान भी बनी रहे.

शायद यही इस जेनरेशन के फैमिली रिलेशनशिप की सबसे बड़ी बात है. साथ भी चाहिए, आजादी भी. सलाह भी चाहिए, लेकिन आखिरी फैसला खुद का. प्यार भी चाहिए, लेकिन अपनी बॉउंड्रीज के साथ.

यह भी पढ़ें: नौकरी है, जिंदगी नहीं! आखिर क्यों जल्दी Job छोड़ना चाहते हैं 46 फीसदी Gen Z?

The post Family भी चाहिए, Freedom भी, आखिर किस बात को लेकर Confuse है Gen Z? appeared first on Prabhat Khabar.

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

घर में चिड़िया का घोंसला बनाना शुभ या अशुभ? वास्तु के अनुसार जानें किस पक्षी को माना जाता है खुशहाली का संकेत

बारिश में नमक हो जाता है गीला? डिब्बे में बस ये छोटा सा जुगाड़ करें, नहीं बनेगी गांठ

घर की लक्ष्मी के लिए ढूंढ रहे हैं प्यारा और मॉडर्न नाम? 'ह' से शुरू होने वाले ये 30 नाम जीत लेंगे आपका दिल

रिश्ते को बचाने के चक्कर में कहीं आप भी तो नहीं खो रहे ये 6 अनमोल चीजें? पछतावे से बचना है तो जरूर जान लें

रात को फोन कमरे से बाहर रखने का ट्रेंड क्यों हो रहा है पॉपुलर? वजह जानकर आप भी आजमा सकते हैं ये तरीका

10 मिनट में बनाएं पास्ता की ये 5 इंस्टेंट रेसिपीज, स्वाद ऐसा कि सभी उंगलियां चाटने को हो जाएंगे मजबूर

Leave a Comment