भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा(19) के बहुचर्चित मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में आत्महत्या का निष्कर्ष निकाला है। यह निष्कर्ष दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिल्कुल विपरीत है। एम्स की रिपोर्ट में मनीषा की मौत का कारण धारदार हथियार से लगीं चोटों को बताया गया है।
मनीषा के पिता संजय कुमार ने कहा कि परिवार सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। इस निर्णय को चुनौती दी जाएगी। वहीं, मनीषा की मौत की प्रारंभिक जांच के दौरान के हालात का सीबीआई की जांच रिपोर्ट में कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।
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मनीषा की हत्या के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन
– फोटो : अमर उजाला
सीबीआई का निष्कर्ष मुख्य रूप से भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल और रोहतक पीजीआईएमएस में किए गए पोस्टमार्टम पर आधारित है। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गठित पांच चिकित्सकों के सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल बोर्ड (एसएसएमबी) की राय भी ली गई।
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महिला शिक्षिका की हत्या
– फोटो : अमर उजाला
मनीषा 11 अगस्त 2025 की सुबह घर से निकलने के बाद लापता हो गई थी। उसका शव 13 अगस्त की सुबह दो दिन बाद सिंघानी गांव के समीप नहर के पास खेत में मिला था। शव से चेहरा, नाक की संरचनाएं, दोनों आंखों के सॉकेट और गर्दन गायब थी।
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Bhiwani Murder case
– फोटो : अमर उजाला
परिवार ने दुष्कर्म, हत्या और अंगों को निकालने का गंभीर आरोप लगाया था। घटनास्थल के बाद 11 अगस्त को एक हस्तलिखित सुसाइड नोट में सामने आया था। इसमें मनीषा ने बीएससी नर्सिंग करने की इच्छा जताई थी।
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घटनास्थल से शव को लेकर जाती पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक की क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने लिखावट की पुष्टि की। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में मनीषा को 11 अगस्त को दोपहर करीब दो बजे कीटनाशक खरीदते हुए देखा गया था।