
घर का बजट संभालना आम आदमी के लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा है. रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली चीजों में से कई के दाम पिछले कुछ दिनों और हफ्तों में तेजी से बढ़े हैं. सबसे ज्यादा परेशानी प्याज और चीनी ने बढ़ाई है. इसके अलावा खाद्य तेल, अंडे, दाल और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों में भी दबाव देखने को मिल रहा है.
एक तरफ बाजार में महंगाई जेब पर बोझ बढ़ा रही है, तो दूसरी तरफ खाने-पीने की चीजों में मिलावट और नियमों की अनदेखी को लेकर FSSAI और राज्यों की फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन भी लगातार कार्रवाई कर रही हैं. कहीं किसी उत्पाद की बिक्री पर रोक लगी है तो कहीं कंपनियों और दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं. यानी आम आदमी के सामने दोहरी परेशानी है, सामान महंगा हो रहा है और जो सामान खरीद रहे हैं उसकी क्वालिटी को लेकर भी चिंता बनी हुई है.
प्याज ने सबसे ज्यादा रुलाया
रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीजों में शामिल प्याज के दाम ने हाल के दिनों में बड़ा झटका दिया है. 24 अगस्त तक अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत करीब 43.53 रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी, जो एक साल पहले के मुकाबले करीब 59 फीसदी ज्यादा थी. कई शहरों में खुदरा बाजार में प्याज 60-70 रुपये किलो तक भी पहुंच गया.

सरकार ने कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बफर स्टॉक से प्याज निकालने और दिल्ली समेत कुछ जगहों पर कम कीमत पर प्याज बेचने की कोशिश शुरू की है. सरकार के पास करीब 1.21 लाख टन का बफर स्टॉक बताया गया है. लेकिन बाजार में राहत तुरंत नजर नहीं आ रही.
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चीनी ने बिगाड़ा रसोई का हिसाब
प्याज के साथ चीनी ने भी आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 20 जुलाई से 20 अगस्त के बीच चीनी की कीमत 48.18 रुपये से बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो हो गई. यानी करीब एक महीने में 7.52 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई हैं.
वहीं हाल की बाजार रिपोर्टों में खुदरा चीनी के दाम 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आई है. पिछले एक महीने में इसमें करीब 34 फीसदी तक तेजी बताई गई है.
दाल, तेल और अंडे भी दे रहे झटका
रसोई का खर्च सिर्फ प्याज और चीनी से ही नहीं बढ़ रहा है. हाल की रिपोर्टों में दाल, चावल, खाद्य तेल और अंडे जैसी चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उपभोक्ता मामले विभाग जिन रोजाना खुदरा दामों की निगरानी करता है, उनमें करीब एक-तिहाई वस्तुओं की कीमतें पिछले एक साल में 6 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं. प्याज में करीब 63 फीसदी और चीनी में करीब 41 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है. खाद्य तेल और अंडे भी महंगे हुए हैं.
मिलावट पर सरकार का डंडा
एक तरफ महंगाई है तो दूसरी तरफ खाने की चीजों की क्वालिटी को लेकर चिंता. इसी बीच FSSAI ने हाल के दिनों में कई कड़े कदम उठाए हैं. सबसे ताजा कार्रवाई में FSSAI ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और एलजी ब्रांड के कुछ कंपाउंडेड हींग उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई है.
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घी पर लगा बैन
मिलावट के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई घी को लेकर हुई है. FSSAI ने दमन स्थित SDP Industries की ओर से बनाए और बेचे जा रहे सभी तरह के घी उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है. इसमें श्रद्धा, श्री सरस, गोकुल जैसे नामों वाले सामान भी शामिल हैं. कार्रवाई के दौरान लिए गए नमूनों में बीटा-सिटोस्टेरॉल पाया गया, जो शुद्ध घी में नहीं होना चाहिए. फैटी एसिड संरचना में भी गड़बड़ी मिली है.
होटल-रेस्टोरेंट पर कार्रवाई
महाराष्ट्र में भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर कई जगहों पर कार्रवाई की है. पुणे में बाबा की रसोई, एमब्रोसियोस, श्रीनाथ फूड कॉर्नर और सैफायर फूड्स के KFC स्टोर के लाइसेंस सस्पेंड किए गए. जांच में कहीं बासी खाना और फूड कलर के इस्तेमाल की बात सामने आई, तो कहीं कॉकरोच और खराब साफ-सफाई मिली. KFC के एक स्टोरेज एरिया में जरूरी मंजूरी की कमी, खराब कोल्ड स्टोरेज और खाने के बॉक्स गलत तरीके से रखे पाए गए.
इससे पहले कुछ डोमिनोज और पिज्जा हट आउटलेट्स के लाइसेंस भी हाइजीन खामियों के कारण सस्पेंड किए गए थे. जांच में कीड़े, गंदगी और बिना एक्सपायरी डेट वाले खाने के सामान में कमियां सामने आई थीं.