ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को लेकर बड़ा दावा किया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि नौसैनिक नाकाबंदी दोबारा लागू होने के बाद से अमेरिका की अनुमति के बिना कोई भी जहाज ईरान के किसी बंदरगाह में प्रवेश या वहां से बाहर नहीं गया है.
1,500 जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कराने में मदद
कूपर ने बताया कि पिछले कई महीनों में अमेरिकी बलों ने करीब 1,500 वाणिज्यिक जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने में मदद की है. इन जहाजों में करीब 75 करोड़ बैरल कच्चा तेल था, जिसे दुनिया के ऊर्जा बाजारों के लिए ले जाया जा रहा था.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों के जरिए दोनों दिशाओं में जाने वाले जहाजों के यातायात को अलग रखा जाता है, ताकि समुद्री आवाजाही सुरक्षित तरीके से जारी रह सके.
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— U.S. Central Command (@CENTCOM) August 28, 2026
क्षेत्र में 50 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात
एडमिरल कूपर ने कहा कि पूरे क्षेत्र में तैनात करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने के साथ-साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिक इस अभियान को अंजाम देने के साथ समुद्री व्यापार के प्रवाह को भी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरानी समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने का दावा
कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. अमेरिकी बलों ने अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों में बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को सफलतापूर्वक हटा दिया है.
अमेरिकी कमांडर के मुताबिक, ये समुद्री सुरंगें कई महीने पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से बिछाई गई थीं. उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त समुद्री मार्ग अब ईरानी समुद्री सुरंगों से मुक्त हैं.
कूपर ने इसके लिए अमेरिकी सेना के जवानों के काम की सराहना की और इसे उनकी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.
20 से ज्यादा युद्धपोत और सैकड़ों विमान अभियान में शामिल
कूपर ने बताया कि नाकाबंदी दोबारा शुरू होने के बाद हजारों अमेरिकी सैन्यकर्मी इस अभियान में जुटे हुए हैं. इसके तहत 20 से ज्यादा युद्धपोत और सैकड़ों विमान तैनात किए गए हैं.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी बलों ने नाकाबंदी को लागू करने की कार्रवाई के दौरान 75 ऐसे जहाजों को वापस लौटाया, जो नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे.
इसके अलावा, कूपर के मुताबिक, निर्देशों का पालन नहीं करने वाले तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया.
अमेरिकी CENTCOM कमांडर ने कहा कि इन कार्रवाइयों के जरिए अमेरिकी सेना ने ईरान पर जारी नौसैनिक नाकाबंदी को लागू करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बनाए रखने में सफलता हासिल की है.


