नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बुधवार (26 अगस्त) की सुबह ग्लेशियर के टूटने और भूस्खलन के कारण आई भयानक बाढ़ और मलबे के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है. करीब 977 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं. नेपाल पुलिस ने इसकी जानकारी दी है.
चीन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक रसुवागढ़ी बॉर्डर से 18 किमी ऊपर तिब्बत के ल्हेंदे नदी में एक नई बैरियर झील बन गई है. इसमें करीब 200 करोड़ लीटर पानी जमा बताया गया है. बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में परिवहन ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है.
नेपाल में कई लोग अब भी लापता
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं, जिसके चलते कई इलाकों का संपर्क मार्ग कट गया है. इसके अलावा 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है और कई वाहन तेज बहाव की चपेट में आए हैं. नेपाली सेना ने प्रभावित इलाकों से 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है. नेपाल में कई लोग अब भी लापता हैं. इनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.
#WATCH | Nuwakot, Nepal: Severe destruction reported in Nuwakot district following catastrophic flash floods.
Riverside settlements and commercial hubs, including Tupche, are completely buried under thick sheets of mud and rock.
(Source: Reuters) pic.twitter.com/thWMChpd9h
— ANI (@ANI) August 28, 2026
उत्तर प्रदेश और बिहार में अलर्ट
नेपाल के रसुवा के भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ के चलते उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रशासन हाई अलर्ट पर है. जिला प्रशासन द्वारा लगातार गंडक, नारायणी और कोसी नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर समेत बिहार के संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है.
भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा ठप
इस बाढ़ का सीधा असर भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय बस सेवा पर भी पड़ा है. भारी फ्लैश फ्लड के चलते दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम ने भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा को अगले 2 दिनों के लिए रोक दिया है. दिल्ली परिवहन निगम की ओर से गुरुवार को बताया गया कि दिल्ली-काठमांडू मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है. सुरक्षा के लिहाज से DTC ने 28-29 अगस्त को दिल्ली से काठमांडू जाने वाली बस यात्रा को रोक दिया है.
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