जम्मू-कश्मीर 7 से 10 सितंबर 2026 तक अपने पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की मेजबानी के लिए तैयार है। चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव जम्मू-कश्मीर (आईएफएफजेके 2026) में 41 देशों की 135 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में सिनेमा की दुनिया का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच तैयार होगा।

मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने वीरवार को महोत्सव की अंतिम तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को फिल्म निर्माताओं, कलाकारों, प्रतिनिधियों और दर्शकों के लिए सहज और यादगार अनुभव सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। बैठक में चार दिवसीय महोत्सव की प्रमुख विशेषताओं, भागीदारी, कार्यक्रम, आयोजन स्थलों की व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रचार रणनीति और विभागीय जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई। महोत्सव को जम्मू-कश्मीर के लिए प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक और रचनात्मक मंच के रूप में स्थापित करने की तैयारी है।
मुख्य सचिव ने महोत्सव के सफल संचालन के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संभागीय और जिला प्रशासन को आयोजन के सुचारू, पेशेवर और त्रुटिरहित संचालन के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।
देश-विदेश की विविध सिनेमाई आवाजें एक मंच पर
उद्घाटन संस्करण के महत्व को देखते हुए मुख्य सचिव ने एनएफडीसी से जम्मू-कश्मीर में फिल्म जगत के अधिक से अधिक फिल्म निर्माताओं, अभिनेताओं और अन्य प्रमुख हस्तियों को लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की सफलता की जिम्मेदारी सभी की है।
सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक श्रेया सिंघल ने महोत्सव की तैयारियों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि उद्घाटन संस्करण में 41 देशों की 135 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इनमें दुनिया की विविध सिनेमाई परंपराओं, कथा शैलियों और रचनात्मक आवाजों की झलक देखने को मिलेगी।
भारत 64 फिल्मों के साथ देशवार भागीदारी में सबसे आगे है। इसके बाद फ्रांस की 13 और ईरान की आठ फिल्में हैं। अर्जेंटीना और स्पेन की चार-चार फिल्में, जबकि ब्राजील, जर्मनी, रूस और अमेरिका की तीन-तीन फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। दक्षिण कोरिया, स्वीडन, ताइवान, कतर, कोलंबिया और तुर्की भी चुनिंदा फिल्मों के साथ महोत्सव में भाग लेगा।
नौ श्रेणियों में 96 लाख रुपये के पुरस्कार
महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण 96 लाख रुपये की कुल पुरस्कार राशि है। इसे फिल्म निर्माण और सिनेमाई कला में उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए नौ श्रेणियों में वितरित किया जाएगा।
सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए 25 लाख रुपये का शीर्ष पुरस्कार रखा गया है। सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक को 15-15 लाख रुपये दिए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर पर महोत्सव के विशेष फोकस को दर्शाते हुए सर्वश्रेष्ठ फिल्म-जम्मू-कश्मीर चयनित श्रेणी में 10 लाख रुपये का पुरस्कार रखा गया है।
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष) और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (महिला) को आठ-आठ लाख रुपये मिलेंगे। वहीं सर्वश्रेष्ठ छायांकन, सर्वश्रेष्ठ ध्वनि डिजाइन और सर्वश्रेष्ठ संपादन की तकनीकी श्रेणियों में पांच-पांच लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
डल झील पर तैरती स्क्रीन बनेगी आकर्षण
महोत्सव को यादगार बनाने के लिए एसकेआईसीसी के पास डल झील में एक फ्लोटिंग स्क्रीन भी स्थापित की जा रही है। इस पर फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजकों को उम्मीद है कि झील के बीच होने वाली यह स्क्रीनिंग महोत्सव का एक खास आकर्षण बनेगी।

