नरेला सब सिटी में शुक्रवार से दिल्ली विकास प्राधिकरण लोगों को घर का तोहफा देने की तैयारी की है। रक्षाबंधन के मौके पर शुरू होने वाली नागरिक आवास योजना के तहत नरेला के सेक्टर ए-1 से ए-4 के पॉकेट-3 और पॉकेट-4 में 1287 एचआईजी और एमआईजी फ्लैट अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम लोग 28 अगस्त दोपहर 12 बजे से इसके लिए बुकिंग कर सकेंगे। उधर, मास्टर प्लान-2047 में भी विकसित नरेला के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन का ढांचा तैयार करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। डीडीए को उम्मीद है कि आने वाले समय में नरेला बेहतरीन रिहायशी क्षेत्र के तौर पर उभरेगा।
डीडीए के अनुसार, योजना में नरेला के पॉकेट-3 में 230 एचआईजी फ्लैट हैं, जिनकी 25 फीसदी छूट के बाद शुरुआती कीमत 100.96 लाख रुपये है। पॉकेट-4 में 267 एचआईजी फ्लैट हैं और इनकी शुरुआती कीमत 96.86 लाख रुपये बताई गई है। वहीं, एमआईजी श्रेणी में पॉकेट-3 में 386 फ्लैट हैं, जिनकी शुरुआती कीमत 73.02 लाख रुपये और पॉकेट-4 में 404 फ्लैट हैं, जिनकी शुरुआती कीमत 73.71 लाख रुपये है। आवास पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे। फ्लैटों की शुरुआती कीमत पर 25 फीसदी छूट दी जा रही है।
तैयार फ्लैट, फ्रीहोल्ड संपत्ति
डीडीए के अनुसार, ये फ्लैट तुरंत रहने के लिए तैयार हैं। यह संपत्ति फ्रीहोल्ड है और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। लोगों को फ्लैट देखने के लिए सैंपल फ्लैट भी उपलब्ध है। इससे घर खरीदने के इच्छुक लोगों को बुकिंग से पहले फ्लैट और उसकी सुविधाओं को देखने का मौका मिलेगा। डीडीए का कहना है कि यह योजना उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो तैयार फ्लैट, परिवहन सुविधाओं के नजदीक आवास और छूट के साथ संपत्ति खरीदना चाहते हैं। हालांकि फ्लैट की अंतिम कीमत, पात्रता, भुगतान की शर्तें और अन्य नियमों की जानकारी बुकिंग से पहले डीडीए के आधिकारिक पोर्टल पर जांचना जरूरी होगा।
मेट्रो से लेकर आरआरटीएस तक कनेक्टिविटी
डीडीए ने बताया कि नरेला तेजी से विकसित हो रहा आवासीय है और यहां परिवहन सुविधाओं को भी प्रमुखता दी गई है। सेक्टर ए-4 में प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन करीब एक किलोमीटर दूर है। वहीं, प्रस्तावित नरेला आरआरटीएस स्टेशन करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है। क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी के लिए यूईआर-1 करीब 100 मीटर, जीटी करनाल रोड करीब 500 मीटर और यूईआर-2 करीब 5.6 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा नरेला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सेक्टर ए-7 करीब एक किलोमीटर दूर है। प्रस्तावित बहु-खेल स्टेडियम और खेल परिसर की दूरी करीब नौ किलोमीटर है।
नरेला में आएगी विकास की बहार
नरेला में लगभग 138 हेक्टेयर क्षेत्र में शिक्षा केंद्र विकसित करने का प्रावधान है। यहां विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, शोध, कौशल प्रशिक्षण और ज्ञान आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। वहीं, यहां नया संस्थागत केंद्र विकसित किया जाएगा। इसमें सरकारी और निजी विश्वविद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थान स्थापित किए जा सकेंगे।
नरेला को उभरते विकास केंद्रों में शामिल करते हुए यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित करने का प्रावधान है। शिक्षा केंद्र के साथ एकीकृत खेल परिसर विकसित करने की दिशा भी तय की गई है। बड़े खाली/हरित क्षेत्र वाले इलाकों में भूमि एकत्रीकरण नीति के जरिए योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। इसमें आवास, व्यापार, उद्योग, सार्वजनिक सुविधाएं और मनोरंजन को एक साथ विकसित करने की व्यवस्था है।
नए विकास से पहले सड़क, सार्वजनिक परिवहन, पानी, सीवर, जल निकासी, बिजली और डिजिटल सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर है। वहीं, शहरी विस्तार मार्ग-2 के विकसित हिस्से के आसपास उच्च घनत्व गलियारा विकसित करने का प्रावधान है। यहां आवास के साथ व्यापार, गोदाम, माल ढुलाई और अन्य अनुकूल गतिविधियां विकसित की जा सकेंगी।. माल ढुलाई, भंडारण और वितरण से जुड़ी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रावधान है। नरेला में एकीकृत माल ढुलाई परिसर भी योजना में दर्ज है।
- नरेला-बवाना क्षेत्र में कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र की क्षमता बढ़ाने का प्रावधान है। इससे क्षेत्र में कचरा निस्तारण की क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। वहीं, सीवरेज योजना में नरेला को अलग जल-मल निकासी क्षेत्र के रूप में रखा गया है। इसमें नरेला, पल्ला और जिंदपुर को शामिल किया गया है।


