Onion Price in Azadpur Mandi: चीनी और प्याज के बढ़ते दामों ने रसोई का बजट हिलाकर रख दिया है. प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने नासिक से प्याज की सप्लाई बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है. प्याज राजधानी दिल्ली समेत उन शहरों तक पहुंचाई जा रही है, जहां कीमतें ज्यादा हैं, लेकिन एशिया की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी आजादपुर मंडी में प्याज की सप्लाई सुस्त दिख रही है.
प्याज के थोक कारोबारियों ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि फिलहाल सप्लाई में कमी बनी हुई है और नई फसल मंडी में नहीं पहुंची है. कारोबारियों को आशंका है कि आने वाले दिनों में प्याज के दाम और बढ़ सकते हैं. नासिक से करीब 25 टन प्याज लेकर एक ट्रक अब दिल्ली के आजादपुर मंडी पहुंच चुका है. सरकार की ओर से प्याज की सप्लाई बढ़ाने की कोशिश के बीच ये खेप दिल्ली पहुंच रही है.
उम्मीद है कि महाराष्ट्र से लगातार आने वाली सप्लाई से दिल्ली के बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर कुछ दबाव कम होगा, लेकिन आजादपुर मंडी के कारोबारियों की मानें तो फिलहाल तस्वीर पूरी तरह राहत देने वाली नहीं है. प्याज के थोक विक्रेता दीपक ने बताया है कि नासिक और महाराष्ट्र की मंडियों में भी लगभग यही रेट चल रहा है.

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दिल्ली की आजादपुर मंडी में फिलहाल…
- सामान्य क्वालिटी का प्याज करीब 32 से 35 रुपए किलो बिक रहा है.
- सुपर क्वालिटी प्याज का भाव 45 से 47 रुपए किलो तक है.
- मीडियम क्वालिटी की प्याज करीब 35 रुपए किलो है
- जबकि उससे थोड़ी बेहतर क्वालिटी की प्याज की कीमत करीब 38 रुपए किलो है.
- सबसे सस्ता प्याज करीब 25 रुपए किलो तक मिल रहा है.
- डैमेज और खराब क्वालिटी का प्याज करीब 20 रुपए किलो के आसपास बिक रहा है.
कारोबारियों के मुताबिक, पिछले एक-दो हफ्तों में प्याज के दाम में करीब 2 से 4 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. एक कारोबारी के मुताबिक करीब 52 किलो का कट्टा 33-34 रुपये प्रति किलो के हिसाब से पड़ रहा है. इसके अलावा महाराष्ट्र से दिल्ली तक प्याज लाने में ट्रांसपोर्ट और ट्रक की कोस्टिंग करीब 5 रुपये प्रति किलो बैठ रही है.
आजादपुर मंडी में आम दिनों में प्याज के थोक कारोबार में इतनी भीड़ रहती है कि कारोबारियों के पास बात करने तक का वक्त नहीं होता. लेकिन अब तस्वीर कुछ अलग है. कारोबारियों के मुताबिक प्याज की आवक कम होने की वजह से थोक मार्किट में कारोबार अपेक्षाकृत धीमा है.
पीछे से सप्लाई में बनी हुई है कमी
इस वक्त महाराष्ट्र के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश से भी प्याज आजादपुर मंडी में आ रहा है. लेकिन पीछे से सप्लाई में कमी बनी हुई है. कारोबारियों का कहना है कि पिछले करीब 10 दिनों से मंडी में माल की आवक कम हुई है. बारिश के बाद नमी की वजह से प्याज का स्टॉक डैमेज भी हुआ है, जिससे इस्तेमाल होने वाले माल की उपलब्धता प्रभावित हुई है.
आजादपुर मंडी में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आए प्याज से लदे कई ट्रक खड़े हैं, लेकिन कारोबारियों के मुताबिक सिर्फ अलग-अलग राज्यों से ट्रक आने से सप्लाई की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. उनका कहना है कि इस समय मंडी में जो प्याज बिक रहा है, उसमें बड़ी मात्रा पुरानी फसल की है.
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कारोबारियों के मुताबिक…
- प्याज की नई फसल अभी मंडी में नहीं पहुंची है.
- मंडी में अभी भी मई महीने की फसल का स्टॉक बेचा जा रहा है.
- यानी नई फसल का इंतजार बना हुआ है.
आजादपुर मंडी के एक कारोबारी के मुताबिक किसान फिलहाल अपनी फसल रोककर रख रहे हैं और कम कीमत पर प्याज बेचने को तैयार नहीं हैं. उनका दावा है कि अगर नई फसल की आवक जल्द नहीं बढ़ी और सप्लाई में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में प्याज के दाम और बढ़ सकते हैं.
फिलहाल प्याज दामों पर रहेगा दबाव
आजादपुर मंडी के कारोबारियों के मुताबिक पिछले करीब 50 दिनों में प्याज के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं. अब बड़ा सवाल यही है कि महाराष्ट्र से आने वाली सरकारी और प्राइवेट सप्लाई दिल्ली की मंडियों में कितनी राहत देती है और इसका असर आम उपभोक्ता तक कब और कितना पहुंचता है. फिलहाल नई फसल की आवक बढ़ने तक प्याज के दाम पर दबाव बना रह सकता है.

