Investment Tips: आज के समय में म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए SIP यानी सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान एक लोकप्रिय तरीका बन गया है. इसमें निवेशक के लिए एक तय रकम नियमित रूप से म्यूचुअल फंड में लगाई जाती है. आमतौर पर लोग मंथली SIP करते हैं, जिसमें महीने के आखिर में एक बार किश्त देनी पड़ती है. लेकिन आज के समय में हर रोज वाली SIP और सालाना SIP जैसे ऑप्शंस भी लोगों को मिलने लगे हैं. ऐसे में सवाल ये उठता है कि इनमें से निवेश के लिए कौन सा तरीका ज्यादा बेहतर है? आइये जानते हैं.
वैसे देखा जाए तो इस साल का कोई सटीक जवाब नहीं है. रोज, महीने या साल में निवेश करने का फैसला आपकी कमाई, खर्च, कैश फ्लो और निवेश के लक्ष्य पर निर्भर करता है. सबसे जरूरी बात ये है कि निवेश नियमित और लंबे समय तक जारी रहे. पहले तीनों विकल्पों के बारे में जान लेते हैं, फिर क्या बेहतर है इस पर चर्चा करेंगे.
रोज की SIP क्या है?
रोज की SIP में निवेशक हर कारोबारी दिन पर छोटी रकम निवेश करता है. उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति रोज 100 रुपये निवेश करता है तो महीने में लगभग 2 हजार रुपये से ज्यादा का निवेश हो सकता है. इसका फायदा ये है कि निवेश कई छोटे हिस्सों में होता है. बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान अलग-अलग कीमतों पर यूनिट खरीदने का मौका मिलता है.
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हालांकि, रोज की SIP का मतलब ये नहीं है कि इससे निश्चित तौर पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा. बाजार का प्रदर्शन और फंड की गुणवत्ता ज्यादा महत्वपूर्ण होती है. रोज की SIP उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जिनकी कमाई रोजाना या बार-बार होती है और वो छोटी रकम नियमित रूप से निवेश करना चाहते हैं.
मंथली SIP है सबसे पॉपुलर
मंथली SIP सबसे आसान और पॉपुलर ऑप्शन में से अक है. इसमें हर महीने एक निश्चित तारीख को बैंक खाते से तय रकम म्यूचुअल फंड में निवेश हो जाती है. मान लीजिए कोई व्यक्ति हर महीने 5 हजार रुपये की SIP करता है. तो सालभर में उसका कुल निवेश 60 हजार रुपये होगा. नौकरीपेशा लोगों के लिए ये तरीका खासतौर पर सुविधाजनक हो सकता है, क्योंकि आमतौर पर उन्हें महीने में एक बार सैलरी मिलती है.
मंथली SIP का सबसे बड़ा फायदा ये है कि निवेशक को बार बार परेशान नहीं होना पड़ता, सैलरी आने के बाद खाते से तय रकम अपने आप कट जाती है. निवेशक को बार-बार बाजार की स्थिति देखकर फैसला नहीं लेना पड़ता. इससे बाजार में तेजी और गिरावट दोनों के दौरान निवेश जारी रह सकता है.
सालाना SIP क्या है?
सालाना SIP में निवेशक साल में एक बार बड़ी रकम निवेश करता है. उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति को साल में बोनस या कोई दूसरी बड़ी रकम मिलती है, तो वो सालाना निवेश का विकल्प चुन सकता है. ये तरीका उन लोगों के लिए ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है जिनकी इनकम सालाना या अनियमित रूप से आती है. लेकिन अगर आपके पास हर महीने निवेश करने की क्षमता है, तो सिर्फ साल में एक बार निवेश करने की जगह नियमित SIP करना ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है.
कौन सी SIP में मिलेगा ज्यादा रिटर्न?
ये समझना जरूरी है कि रोज, मंथली या सालाना SIP में से कोई भी तरीका अपने आप ज्यादा रिटर्न की गारंटी नहीं देता. म्यूचुअल फंड का रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है. लंबे समय में SIP का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये निवेश में अनुशासन बनाए रखती है. बाजार गिरने पर भी निवेश जारी रहने से कम कीमत पर ज्यादा यूनिट खरीदने का मौका मिलता है. बाजार बढ़ने पर उन्हीं निवेशों की कीमत बढ़ सकती है.
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कैसे चुनें कि क्या सही है?
अगर आप नौकरीपेशा हैं और हर महीने आपकी सैलरी आती है, तो मंथली SIP एक आसान ऑप्शन हो सकता है. अगर आपकी कमाई रोजाना या बार-बार होती है, तो रोज की SIP आपके कैश फ्लो के हिसाब से सुविधाजनक हो सकती है. वहीं, अगर आपकी आमदनी मुख्य रूप से सालाना बोनस, बिजनेस प्रॉफिट या किसी अन्य एकमुश्त रकम के रूप में आती है, तो सालाना निवेश आपके लिए उपयोगी हो सकता है.


