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ओणम पर क्यों बनता है पायसम? सिर्फ मिठाई नहीं, केरल की इस परंपरा के पीछे है खास वजह

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Onam Payasam Tradition: ओणम केरल का सबसे खास और रंग-बिरंगा त्योहार माना जाता है. इस मौके पर घरों में फूलों की रंगोली बनाई जाती है, लोग नए कपड़े पहनते हैं और परिवार के साथ मिलकर त्योहार का आनंद लेते हैं. खासकर पायसम के बिना ओणम का त्योहार (Onam Payasam Tradition) अधूरा सा माना जाता है. यह सिर्फ एक मीठी डिश नहीं, बल्कि केरल की परंपरा और त्योहार की खुशियों से जुड़ा हिस्सा है.

Onam Payasam Tradition: ओणम पर क्यों खास है पायसम?

ओणम के दौरान बनने वाले पारंपरिक भोजन को आमतौर पर ओणम साध्या कहा जाता है. केले के पत्ते पर परोसे जाने वाले इस खास भोजन में कई तरह के व्यंजन शामिल होते हैं. खाने के आखिर में पायसम परोसा जाता है. मीठे से भोजन को खत्म करना शुभ माना जाता है और पायसम (Onam Payasam Tradition) इसी परंपरा का हिस्सा है.

ओणम फसल और समृद्धि से जुड़ा त्योहार भी है. इसलिए इस मौके पर परिवार के साथ मिलकर स्वादिष्ट भोजन बनाना और उसे बांटकर खाना खुशी और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.

PC: AI Generated
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पायसम सिर्फ एक तरह का नहीं होता

अगर आपको लगता है कि पायसम सिर्फ चावल और दूध से बनता है, तो ऐसा नहीं है. केरल में अलग-अलग तरह के पायसम बनाए जाते हैं. पाल पायसम दूध, चावल और चीनी से तैयार किया जाता है. वहीं अदा प्रदामन भी ओणम साध्या का लोकप्रिय हिस्सा है.

इसे अदा, गुड़ और नारियल के दूध से बनाया जाता है. इसके अलावा दाल, चना या दूसरे अनाज से भी अलग-अलग तरह के पायसम बनाए जाते हैं. हर घर में इसे बनाने का तरीका और स्वाद थोड़ा अलग हो सकता है.

गुड़ और नारियल के दूध का स्वाद बनाता है खास

केरल के पारंपरिक पायसम में गुड़ और नारियल के दूध (Onam Payasam Tradition) का इस्तेमाल काफी आम है. खासकर अदा प्रदामन में इन दोनों का स्वाद अच्छी तरह महसूस होता है. गुड़ मिठास के साथ एक अलग खुशबू और स्वाद देता है, जबकि नारियल का दूध पायसम को गाढ़ा और क्रीमी बनाता है. कई जगह पायसम में इलायची, सूखे नारियल, काजू और किशमिश भी डाले जाते हैं. इससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

ओणम साध्या में क्यों परोसा जाता है?

ओणम साध्या सिर्फ खाना नहीं, बल्कि साथ बैठकर त्योहार मनाने की परंपरा है. केले के पत्ते पर कई तरह के व्यंजन परोसने के बाद आखिर में पायसम दिया जाता है. परिवार और मेहमान साथ बैठकर खाना खाते हैं और त्योहार की खुशियां साझा करते हैं. इसलिए पायसम का महत्व सिर्फ उसके स्वाद तक सीमित नहीं है. यह ओणम के सामूहिक उत्सव और मेहमाननवाजी की भावना को भी दिखाता है.

घर पर भी बना सकते हैं ओणम वाला पायसम

ओणम के मौके पर अगर आप केरल के इस पारंपरिक स्वाद को घर पर आजमाना चाहते हैं, तो पायसम बनाना मुश्किल नहीं है. अपनी पसंद के हिसाब से चावल, दूध, गुड़ या नारियल का दूध लेकर इसे तैयार कर सकते हैं. ऊपर से काजू, किशमिश और इलायची डालने से इसका स्वाद और अच्छा हो जाता है.

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