महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कोहड्या डोंगर की पहाड़ी पर शुक्रवार को हुई तीन मौतों की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया। 18 वर्षीय कुणाल चंदवड़े को बचाने के लिए उसकी मां संगीता चंदगुडे ने आखिरी पल तक हर संभव कोशिश की। सामने आए तीन मिनट से अधिक लंबे वीडियो में मां बेटे से बार-बार लौट आने की गुहार लगाती दिख रही है। एक समय वह घुटनों के बल बैठकर कुणाल के सामने सिर झुकाकर उसे वापस आने के लिए मनाती है। आसपास मौजूद लोग भी लगातार उसे समझाते रहे, लेकिन कुणाल किनारे से पीछे नहीं हटा। कुछ देर बाद उसे बचाने की कोशिश में उसके पिता मुरलीधर भी खाई में गिर गए। बेटे और पति को गिरता देख संगीता ने भी छलांग लगा दी। हादसे में तीनों की मौत हो गई।


तीन घंटे तक चलता रहा जिंदगी बचाने का प्रयास
घटना शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई, जब कुणाल कोहड्या डोंगर की चोटी पर पहुंचा और खाई के बेहद करीब जाकर खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि नए iPhone की EMI को लेकर परिवार में हुई बहस के बाद वह वहां पहुंचा था। सूचना मिलने पर उसके माता-पिता मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीण, पुलिसकर्मी और फायर ब्रिगेड के जवान भी उसे सुरक्षित नीचे लाने के लिए जुट गए। कुणाल करीब तीन घंटे तक पहाड़ी के किनारे बना रहा। उसे समझाने के लिए लोग लगातार उससे बातचीत करते रहे। फायर ब्रिगेड की टीम ने भी किसी अनहोनी की स्थिति में नीचे सुरक्षा जाल लगा दिए थे।
मां ने हाथ जोड़ने से लेकर घुटनों पर बैठने तक की हर कोशिश की
घटना से कुछ समय पहले बनाए गए वीडियो में संगीता अपने बेटे के काफी करीब खड़ी होकर उससे बात करती दिखाई देती हैं। कुणाल भी उनकी बातों का जवाब देता नजर आता है। आसपास खड़े लोग भी उसे पीछे हटने के लिए कहते रहते हैं। वीडियो में एक जगह संगीता नीचे बैठ जाती हैं और जमीन पर पड़े हेलमेट की ओर इशारा करती हैं। कुणाल भी उसी हेलमेट की ओर इशारा करके जवाब देता है। इसके बाद कैमरा कुछ पीछे होता है, जहां कई लोग कुणाल को समझाते हुए दिखाई देते हैं।
घुटनों पर बैठकर मां ने बेटे से मांगी जिंदगी
वीडियो का सबसे भावुक हिस्सा वह है, जब संगीता अचानक घुटनों के बल बैठ जाती हैं और कुणाल की ओर झुककर उसे वापस आने के लिए मानो जिंदगी की भीख मांगती हैं। आसपास मौजूद लोग उन्हें उठने के लिए कहते हैं, लेकिन वह लगातार बेटे से बात करती रहती हैं। कुछ लोग कुणाल की ओर बढ़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन जैसे ही वह और आगे किनारे की तरफ बढ़ता है, वे पीछे हट जाते हैं। संगीता भी चीखते हुए उसकी ओर जाने की कोशिश करती हैं, मगर आसपास के लोग उन्हें पकड़कर पीछे कर देते हैं। वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद दिखाई देता है।
पिता ने बेटे को खींचकर बचाने की कोशिश की, दोनों खाई में गिरे
कुणाल को काफी देर तक समझाने के बाद भी जब वह पीछे नहीं हटा तो उसके पिता मुरलीधर ने खुद आगे बढ़कर उसे सुरक्षित स्थान पर खींचने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे करीब 200 से 250 फीट गहरी खाई में जा गिरे। पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुणाल को बचाने की कोशिश में मुरलीधर ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। दोनों के गिरने के कुछ ही क्षण बाद संगीता ने भी अपने पति और बेटे को खाई में गिरते देखा और कथित तौर पर पहाड़ी से छलांग लगा दी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद सामने आया संगीता का पुराना वीडियो
इस घटना ने इसलिए भी लोगों को विचलित किया है क्योंकि हादसे से एक दिन पहले ही संगीता ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया था। करीब एक मिनट के इस वीडियो में वह रिश्तों और उनमें आपसी सम्मान की अहमियत के बारे में बात करती दिखाई देती हैं। उन्होंने मराठी में कहा था कि ऐसे व्यक्ति के लिए कुछ भी करने का कोई फायदा नहीं है, जो आपके प्यार और आपकी भावनाओं की कद्र नहीं करता। उन्होंने लोगों से अपनी किस्मत और सब कुछ उसी व्यक्ति के साथ साझा करने की बात कही, जो उनके प्यार और प्रयासों को समझता हो।
‘रिश्ता दोनों तरफ से चले, तभी उसका मतलब है’
संगीता ने अपने वीडियो में रिश्तों की तुलना रोटी से करते हुए कहा था कि चपाती तभी अच्छी बनती है, जब वह दोनों तरफ से ठीक तरह से पकाई जाए। उसी तरह रिश्ता भी तभी मजबूत रहता है, जब दोनों लोग उसे निभाने और उसकी कद्र करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा था कि अगर एक व्यक्ति रिश्ते को महत्व देता है और दूसरा उसकी परवाह नहीं करता, तो ऐसे रिश्ते में बने रहने का कोई मतलब नहीं है और उससे बाहर निकलना ही बेहतर है।
यूट्यूब पर मोटिवेशनल वीडियो बनाती थीं संगीता
संगीता के यूट्यूब चैनल पर 29 हजार से अधिक फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। वह वहां मोटिवेशनल वीडियो और छोटे-छोटे व्लॉग साझा करती थीं। उनके कुछ वीडियो में उनका बेटा कुणाल भी दिखाई देता था। एक अन्य वीडियो में उन्होंने परिवार में देवरानी-जेठानी या ननद-भाभी के रिश्तों और पारिवारिक विवादों पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई बार बहनें अपने भाई के परिवार को समझने के बजाय भाभी के साथ गलत व्यवहार करती हैं और पारिवारिक विवादों को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने संपत्ति और पारिवारिक मतभेदों को लेकर भी अपनी बातें साझा की थीं।
छह साल पहले बड़े बेटे की मौत का भी था गहरा असर
स्थानीय जानकारी के अनुसार, संगीता करीब छह साल पहले बीमारी के कारण अपने बड़े बेटे को खो चुकी थीं। बताया जाता है कि इसके बाद से वह अपने पति से अलग रह रही थीं। इस पारिवारिक पृष्ठभूमि और पुराने दुख का भी उनके जीवन पर गहरा असर था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन व्यक्तिगत परिस्थितियों और शुक्रवार की घटना के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है।
कुणाल पहले भी इसी जगह पहुंचा था
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुणाल पिछले साल भी आत्महत्या करने के इरादे से इसी पहाड़ी पर पहुंचा था। उस समय पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतार लिया था। इस बार भी परिवार, ग्रामीणों, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब तीन घंटे तक उसे समझाने की कोशिश की। स्थानीय सरपंच संजय जाधव भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने कुणाल से उसकी मां के बारे में सोचने और यह कदम नहीं उठाने की अपील की थी। उसे बातचीत में उलझाए रखने के लिए उन्होंने आईफोन दिलाने की पेशकश तक की थी।
आईफोन की EMI को लेकर विवाद की बात सामने आई
पुलिस के मुताबिक, कुणाल ने एक आईफोन खरीदा था और उसकी EMI भरने के लिए परिवार से पैसे मांग रहा था। इसी को लेकर परिवार में विवाद होने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों और विवाद की वास्तविक वजह की जांच कर रही है।
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मुश्किल इलाके से निकाले गए तीनों शव
हादसे के बाद पुलिस और बचाव दल ने बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाके से तीनों शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज कर रही है तथा वीडियो फुटेज समेत अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। इस घटना का सामने आया वीडियो उस भयावह पल की तस्वीर पेश करता है, जब एक मां अपने बेटे को बचाने के लिए घुटनों पर बैठकर उसे वापस आने की गुहार लगा रही थी। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद कुछ ही देर में एक परिवार के तीन लोगों की जिंदगी खत्म हो गई।
