
- अमेरिका-ईरान जंग से देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में.
- खाद्य पदार्थों के दाम 60-88% बढ़े, गरीबों हेतु 100%.
- चाय, कॉफी, डेयरी, मांस आम लोगों की पहुँच से बाहर हुए.
- देश की सालाना महंगाई दर 80% पार, उच्चतम स्तर पर.
Inflation in Iran: ईरान और अमेरिका में लंबे समय से जारी जंग का खामियाजा यहां की जनता को भुगतना पड़ रहा है. पिछले कुछ दिनों में यहां खाने-पीने की चीजों की कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ गई हैं कि लोगों का जीना दुभर हो गया है. खबरों के मुताबिक, ईरान में लोगों ने मीट, डेयरी और कॉफी का इस्तेमाल करना कम कर दिया है क्योंकि इससे इनके बजट पर दबाव बढ़ रहा है. ईरान की अर्थव्यवस्था इन दिनों गहरे संकट के दौर से गुजर रही है.
कई सारे रिपोर्टों में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि अमेरिका संग जंग ने यहां के करोड़ों परिवारों को बर्बाद कर दिया है. महज एक साल के अंदर खाने-पीने की चीजों की कीमतें 60 से 88% तक बढ़ गई है. वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 100% के आंकड़े को पार कर गई हैं. फुल-टाइम नौकरियों और इंडस्ट्रियल कामकाज में कमी आई है.
महंगाई से परेशान ईरान में लोग
ISNA ने शनिवार, 15 अगस्त को अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी कि ईरान की सालाना महंगाई दर 80% से ऊपर बनी हुई है. जुलाई 2026 के आखिर में, ईरान के स्टैटिस्टिकल सेंटर ने लगातार पांचवें महीने रिकॉर्ड सालाना महंगाई दर्ज की थी.
29 जुलाई 2026 को जारी एक रिपोर्ट में स्टैटिस्टिकल सेंटर ने जुलाई में खत्म होने वाले साल के लिए ईरानी परिवारों की 12 महीने की महंगाई दर 66% बताई, जो जून में 62% थी. SCI ने इसे दशकों में सबसे ज्यादा सालाना दर बताया.
वहीं, इस बीच, ईरान के स्टैटिस्टिकल सेंटर से लिए गए और ‘ट्रेड इकोनॉमिक्स’ द्वारा बताए गए डेटा से पता चला है कि ईरान की पॉइंट-टू-पॉइंट/साल-दर-साल महंगाई दर जुलाई 2026 में घटकर 87.9% हो गई, जो जून में 88.6% थी. यह तीन महीनों में आई पहली बार गिरावट है. 87.9 प्रतिशत की ‘पॉइंट-टू-पॉइंट’ दर का मतलब यह था कि पिछले साल जुलाई के मुकाबले इस साल जुलाई में एक औसत परिवार ने सामान और सेवाओं के लिए लगभग 88% ज्यादा पैसे दिए.
कॉफी और चाय से बना रहे दूरी
ईरान में चाय और कॉफी का काफी ज्यादा चलन है. यह लोगों की आम दिनचर्या का एक अहम हिस्सा है, लेकिन मौजूदा हालातों में लोग अब इनसे दूरी बना रहे हैं. इनके आयात पर लगे प्रतिबंध और डॉलर की कमी के चलते इनकी खुदरा कीमतों में134% तक का उछाल आया है. ऐसे में चाय या कॉफी की चुस्की लेने से पहले लोगों को दस बार सोचना पड़ रहा है.
यहां दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों की कीमतें भी लगातार चढ़ती जा रही हैं क्योंकि इस बीच पशु चारे का भी आयात महंगा हुआ है और डेयरी फर्मों ऑपरेटिंग कॉस्ट भी बढ़ा है. ईरान में मीट भी आम आदमी की पहुंच से बाहर जाता दिख रहा है.
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