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कुल कमाई का 95% सैलरी और पेंशन पर खर्च कर रहा ये राज्य, खाली हो रहा खजाना

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Andhra Pradesh Expence on Salary and Pension: आंध्र प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन का खर्च राज्य के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है. राज्य सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में आंध्र प्रदेश ने अपनी खुद की कमाई का 95% से ज्यादा हिस्सा कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर खर्च किया. इस दौरान काम करने वाले लोगों से जुड़े खर्च पर करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए.

आंध्र प्रदेश में सरकारी डिपार्टमेंट, सरकारी कंपनियों, निगमों और अलग-अलग लेवल पर करीब 10 से 12 लाख लोग सीधे या घुमा कर जुड़े हैं. इसके अलावा राज्य में करीब 3.59 लाख पेंशनर्स भी हैं. इन सभी पर होने वाला खर्च राज्य के बजट पर बड़ा बोझ डाल रहा है.

दूसरे राज्यों से ज्यादा खर्च

रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण भारत के दूसरे राज्यों की तुलना में आंध्र प्रदेश का सैलरी और पेंशन पर खर्च काफी ज्यादा है. कर्नाटक अपनी खुद की कमाई का एक तिहाई से भी कम हिस्सा कर्मचारियों पर खर्च करता है. तेलंगाना में ये करीब 44%, तमिलनाडु में 49% और केरल में करीब 68% है.

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राज्य के बंटवारे के समय 2014 में आंध्र प्रदेश का कर्मचारियों से जुड़ा खर्च उसकी कमाई का करीब 66% था. वित्त वर्ष 2014-15 में सैलरी पर 25,094 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इसके बाद ये खर्च लगातार बढ़ा और वित्त वर्ष 2019-20 में ये राज्य की कमाई से भी ज्यादा, करीब 116% तक पहुंच गया. वित्त वर्ष 2023-24 में कर्मचारियों को सैलरी के रूप में 92,147 करोड़ रुपये दिए गए.

सरकार ने बताया पिछली सरकार की विरासत

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसे पिछली सरकार से मिली बड़ी फाइनेंशियल परेशानी बताया. उनका कहना है कि इतने बड़े खर्च की वजह से राज्य के पास विकास और जरूरी योजनाओं के लिए पैसे कम बचते हैं. लेकिन, मौजूदा सरकार ने पिछले दो साल में इस खर्च को करीब 13 से 14% तक कम करने का दावा किया है.

कर्ज का बोझ भी ज्यादा हुआ 

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2019 में आंध्र प्रदेश पर कुल कर्ज और चुकाने की जिम्मेदारी करीब 3.75 लाख करोड़ रुपये थीं, जो मई 2024 तक ज्यादा होकर 9.74 लाख करोड़ रुपये हो गईं. सरकार का कहना है कि अब बाकी पैसे चुकाने, केंद्र से मिलने वाली मदद बढ़ाने और बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने के जरिए राज्य की फाइनेंशियल हालात सुधारने की कोशिश की जा रही है.

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