
Neha Verma ( Prabhat Khabar Digital)
Sustainable Fashion Tips: आजकल सस्टेनेबल फैशन की काफी चर्चा हो रही है. फैशन ब्रांड्स से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह इसकी बात होती है. लेकिन आखिर इसका मतलब क्या है और इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे अपनाया जा सकता है? आसान भाषा में समझें तो सस्टेनेबल फैशन का मतलब है ऐसे कपड़े खरीदना और इस्तेमाल करना, जिनसे पर्यावरण को कम नुकसान हो. यानी जरूरत से ज्यादा कपड़े न खरीदना, अच्छी क्वालिटी के कपड़ों को लंबे समय तक पहनना, पुराने कपड़ों को दोबारा इस्तेमाल करना और जो कपड़े ठीक हो सकते हैं, उन्हें फेंकने के बजाय रिपेयर कराना.
सस्टेनेबल फैशन क्यों है जरूरी?
दरअसल, कपड़े सिर्फ हमारी पसंद और स्टाइल से जुड़े नहीं हैं. इन्हें बनाने में पानी, कच्चा माल, बिजली और कई तरह के केमिकल का इस्तेमाल होता है. कपड़े बनने के बाद उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में भी संसाधन लगते हैं. इसके अलावा जब कपड़े जल्दी फेंक दिए जाते हैं, तो इससे कचरा भी बढ़ता है.
UNEP के मुताबिक, फैशन और टेक्सटाइल सेक्टर से दुनिया के करीब 2 से 8 फीसदी greenhouse gas emissions जुड़े हैं. यह सेक्टर हर साल करीब 215 ट्रिलियन लीटर पानी का इस्तेमाल करता है. (UNEP – UN Environment Programme)
फास्ट फैशन से क्या परेशानी है?
- आजकल फैशन बहुत तेजी से बदलता है. एक ट्रेंड आया और कुछ ही समय बाद दूसरा ट्रेंड बाजार में आ जाता है. इसी वजह से लोग बार-बार नए कपड़े खरीदते हैं. इसे ही आमतौर पर ‘फास्ट फैशन’ कहा जाता है.
- कम कीमत में नए डिजाइन के कपड़े मिलना अच्छी बात लग सकती है, लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है. कई बार ऐसे कपड़े बहुत कम समय तक इस्तेमाल किए जाते हैं और फिर फेंक दिए जाते हैं.
- UNEP के अनुसार, दुनिया में हर साल करीब 92 मिलियन टन टेक्सटाइल वेस्ट पैदा होता है. यानी कपड़ों का कचरा एक बड़ी समस्या बन चुका है. (UNEP – UN Environment Programme)
क्या सस्टेनेबल फैशन का मतलब महंगे कपड़े खरीदना है?
- सस्टेनेबल फैशन का मतलब यह नहीं है कि आपको सिर्फ महंगे या किसी खास ब्रांड के कपड़े ही खरीदने हैं. असल बात यह है कि आप कितना खरीद रहे हैं और उस कपड़े को कितने समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं.
- कई बार एक अच्छी क्वालिटी का कपड़ा खरीदकर उसे कई साल तक पहनना, बार-बार सस्ते कपड़े खरीदने से बेहतर हो सकता है.
- इसलिए इसका सबसे आसान नियम है कम खरीदें और सोच-समझकर खरीदें.
अपनी अलमारी को कैसे बनाएं ज्यादा सस्टेनेबल?
1. कपड़ा खरीदने से पहले खुद से सवाल करें
- जब भी कोई नया कपड़ा पसंद आए, तुरंत खरीदने के बजाय खुद से पूछें—क्या मुझे सच में इसकी जरूरत है?
- यह भी देखें कि क्या इसे आपकी अलमारी में पहले से मौजूद कपड़ों के साथ पहना जा सकता है.
- अगर आप किसी कपड़े को सिर्फ एक-दो बार पहनने वाले हैं, तो उसे खरीदने के बजाय किसी दोस्त से लेने या किराये पर लेने का विकल्प भी देख सकते हैं.
2. अच्छी क्वालिटी के कपड़े खरीदें
- बहुत सस्ते कपड़े खरीदना शुरुआत में फायदे का सौदा लग सकता है. लेकिन अगर वह कुछ ही बार पहनने के बाद खराब हो जाए तो आपको फिर नया कपड़ा खरीदना पड़ेगा.
- इसलिए कपड़ा खरीदते समय उसकी क्वालिटी, सिलाई और कपड़े की मजबूती पर ध्यान दें.
- ऐसे रंग और डिजाइन चुनें जिन्हें आप अलग-अलग मौकों पर पहन सकें.
- 3. कपड़े का मटीरियल जरूर देखें
- कपड़े खरीदते समय सिर्फ उसका रंग और डिजाइन न देखें. यह भी देखें कि वह किस मटीरियल से बना है.
- ऑर्गेनिक कॉटन, लिनन, हेम्प और कुछ रिसाइकल्ड फाइबर जैसे विकल्पों को लोग सस्टेनेबल फैशन में इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन सिर्फ किसी कपड़े पर ‘ऑर्गेनिक’ या ‘ग्रीन’ लिखा होना उसे अपने आप पूरी तरह पर्यावरण के लिए अच्छा नहीं बना देता. कपड़े को बनाने से लेकर इस्तेमाल और उसके बाद तक की पूरी प्रक्रिया मायने रखती है.
4. पुराने कपड़े तुरंत न फेंकें
- अगर कोई कपड़ा पुराना हो गया है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह बेकार हो गया.
- अगर कपड़ा आपको अब पसंद नहीं है लेकिन अच्छी हालत में है, तो उसे किसी जरूरतमंद को दे सकते हैं. दोस्तों या परिवार के साथ कपड़ों की अदला-बदली भी की जा सकती है.
- सेकंड-हैंड कपड़े खरीदना भी एक विकल्प है. इससे पुराने कपड़ों को दोबारा इस्तेमाल का मौका मिलता है और हर बार नए कपड़े बनाने की जरूरत कम हो सकती है.
- UNEP भी सेकंड-हैंड कपड़े खरीदने, कपड़े किराये पर लेने और दोस्तों के साथ कपड़े बदलने जैसे तरीकों को बढ़ावा देता है. (UNEP – UN Environment Programme)
5. छोटा सा छेद हो तो कपड़ा न फेंकें
- बटन टूट गया, सिलाई खुल गई या कपड़े में छोटा सा छेद हो गया तो उसे फेंकने की जरूरत नहीं है.
- छोटी-मोटी मरम्मत कराकर कपड़े को फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है. आजकल पुराने कपड़ों को नया लुक देने के लिए ‘अपसाइक्लिंग’ भी काफी पसंद की जा रही है.
- यानी पुराने कपड़े में थोड़ा बदलाव करके उसे फिर से नया जैसा बनाया जा सकता है.
6. कपड़ों को सही तरीके से धोएं
- कपड़ों की देखभाल भी सस्टेनेबल फैशन का एक हिस्सा है.
- अगर कपड़ा ज्यादा गंदा नहीं है तो हर बार पहनने के बाद उसे धोना जरूरी नहीं. कपड़े धोते समय जरूरत के हिसाब से पानी और डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें.
- जहां संभव हो, ठंडे पानी में कपड़े धोना और उन्हें हवा में सुखाना भी बेहतर विकल्प हो सकता है. UNEP लंबे समय तक कपड़ों को इस्तेमाल करने और उनकी सही देखभाल करने की सलाह देता है. (UNEP – UN Environment Programme)
7. लोकल और जिम्मेदारी से काम करने वाले ब्रांड्स पर ध्यान दें
- अगर आप नए कपड़े खरीद रहे हैं तो सिर्फ कीमत और डिजाइन न देखें. यह भी पता करने की कोशिश करें कि कपड़ा कहां बना है, किस मटीरियल का इस्तेमाल हुआ है और ब्रांड अपनी production process के बारे में कितनी जानकारी देता है.
- हालांकि सिर्फ ‘eco-friendly’ या ‘sustainable’ लिखे होने पर भरोसा करने के बजाय ब्रांड की जानकारी और उसके दावों को जांचना बेहतर है. UNEP भी फैशन से जुड़े sustainability claims में साफ और भरोसेमंद जानकारी पर जोर देता है. (UNEP – UN Environment Programme)
जब कपड़ा बिल्कुल खराब हो जाए तो क्या करें?
- अगर कपड़ा पहनने लायक नहीं बचा है, तब भी उसे सीधे कूड़े में डालने से पहले सोचें कि उसका कोई दूसरा इस्तेमाल हो सकता है या नहीं.
- पुरानी टी-शर्ट को सफाई के कपड़े की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. कुछ कपड़ों को रिसाइकल करने के लिए दिया जा सकता है.
- और अगर कपड़ा अभी पहनने लायक है, लेकिन आपको उसकी जरूरत नहीं है तो उसे डोनेट करना बेहतर विकल्प हो सकता है.
- UNEP के मुताबिक कपड़ों को ज्यादा समय तक इस्तेमाल करना, रिपेयर करना, दोबारा इस्तेमाल करना और रिसाइकिल करना फैशन वेस्ट कम करने के अहम तरीके हैं. (UNEP – UN Environment Programme)
सस्टेनेबल फैशन का मतलब फैशन छोड़ना नहीं है
- कई लोगों को लगता है कि सस्टेनेबल फैशन अपनाने का मतलब है फैशन और नए कपड़े खरीदना छोड़ देना. ऐसा नहीं है.
- आप फैशन भी कर सकते हैं और पर्यावरण का ध्यान भी रख सकते हैं. बस खरीदारी का तरीका थोड़ा बदलना होगा.
- हर नए ट्रेंड के पीछे भागने के बजाय ऐसे कपड़े खरीदें जिन्हें आप बार-बार पहन सकें. पुराने कपड़ों को नया लुक देने की कोशिश करें. कपड़े खराब हों तो उन्हें रिपेयर कराएं और जरूरत न हो तो किसी और को दे दें.
- आखिर में बात सिर्फ इतनी है कि हर बार नया कपड़ा खरीदना ही जरूरी नहीं है. जो कपड़ा आपके पास है, उसे ज्यादा समय तक इस्तेमाल करना भी सस्टेनेबल फैशन का बड़ा हिस्सा है.
- इसलिए अगली बार जब आप ऑनलाइन या दुकान पर कोई कपड़ा खरीदने जाएं, तो सिर्फ यह न देखें कि वह आपको कितना पसंद आया. एक बार यह भी सोचें कि क्या आपको उसकी सच में जरूरत है और आप उसे कितने समय तक पहनेंगे. यही छोटी-सी आदत आपकी अलमारी के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी बेहतर हो सकती है.
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