Clipping Economy: इन दिनों लोग नौकरी करने से बेहतर अपना काम या वीडियोज के जरिए कमाई कर रहे हैं. पहले जहां यूट्यूब और सोशल मीडिया पर लंबे वीडियोज बनाकर कमाई की जाती थी, वहीं अब सोशल मीडिया पर इंफ्लुएंसर्स छोटी- छोटी क्लिप्स शेयर कर उन्हे वायरल करके पैसा कमाते हैं.
जैसे सोशल मीडिया पर आपने लंबे वीडियो 30 मिनट या 20 मिनट के वीडियोज, पॉडकास्ट या इंटरव्यू के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप शेयर करते हैं. इन क्लिप्स को इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉट्स और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जाता है. अब इन छोटी वीडियो क्लिप्स से कमाई करने का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. इसे ‘क्लिपिंग इकोनॉमी’ कहा जाता है. शुरुआत में कई युवा इसे अपने फोन से शौक के तौर पर करते थे, लेकिन अब ये एक प्रोफेशनल बिजनेस बन रहा है.
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कैसे हुई शुरुआत?
मनी कंट्रोल के अनुसार जसपाल सिंह सिंधल ने 12वीं कक्षा में रहते हुए स्मार्टफोन और कुछ मोबाइल एडिटिंग ऐप्स की मदद से मोटिवेशनल स्पीच और इंटरव्यू की छोटी क्लिप बनानी शुरू की थी. शुरुआत में उन्हें करीब 20 वीडियो डालने पर सिर्फ 10 डॉलर की कमाई हुई. लेकिन वीडियो की संख्या और व्यूज बढ़ने के साथ उनकी कमाई भी बढ़ती गई.
बाद में उन्होंने अपने भाई जनक सिंह के साथ InflueX नाम की क्लिपिंग एजेंसी शुरू की. ये एजेंसी बड़े क्रिएटर्स और ब्रांड्स के लिए वीडियो कंटेंट को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने का काम करती है. कंपनी अब हर महीने करीब 30 हजार से 40 हजार डॉलर का रेवेन्यू होने का दावा करती है. क्लिपिंग का कारोबार सिर्फ क्रिएटर्स तक सीमित नहीं है. बल्कि ब्रांड्स भी इसका इस्तेमाल अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कर रहे हैं. InflueX जैसी एजेंसियां कई बड़े ब्रांड्स और क्रिएटर्स के साथ काम कर रही हैं.
और भी हैं कंपनियां
इसी तरह Taggify के को-फाउंडर रोहित गोयल ने शॉर्ट क्लिप्स पर आधारित सोशल मीडिया पेज बनाया. उनका एक पेज 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स तक पहुंच गया और इंस्टाग्राम पर 22 करोड़ से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुका है. इसके जरिए उन्हें ब्रांड्स से विज्ञापन और स्पॉन्सर्ड पोस्ट के रूप में कमाई होती है. एक स्पॉन्सर्ड पोस्ट की कीमत करीब 25 हजार रुपये से शुरू होती है.
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कैसे बनेगा हजार करोड़ का कारोबार?
जैसे-जैसे पॉडकास्ट, लाइव स्ट्रीम और लंबे वीडियो की संख्या बढ़ रही है, क्रिएटर्स को अपने कंटेंट को छोटे-छोटे वीडियो में बदलने की जरूरत भी बढ़ रही है. एक डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट के मुताबिक, भारत में प्रोफेशनल क्लिपिंग का कारोबार अगले 3 से 5 साल में हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का हो सकता है. एक अच्छी तरह चलने वाला मल्टी-प्लेटफॉर्म क्लिपिंग नेटवर्क हर महीने करीब 3 लाख से 10 लाख रुपये तक कमा सकता है. इस बिजनेस में एडिटिंग, रिसर्च, स्क्रिप्टिंग, सॉफ्टवेयर, AI टूल्स, थंबनेल और डिजाइन जैसी चीजों पर खर्च होता है.


