FM Nirmala Sitharaman on UPI Charge: पिछले कुछ दिनों से यूपीआई शुल्क को लेकर काफी चर्चा हो रही है. हाल ही में सरकार ने भी इसे लेकर लोगों के बीच फैल रहे कंफ्यूजन को साफ किया है. जिसके सदन में भी इस पर चर्चा हुई, इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण काफी गुस्से में नजर आईं. उन्होंने भारतीय कम्युनिस्टों को कायर तक कह दिया.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल सोमवार को संसद के मानसून सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने UPI पेमेंट पर चार्जेस लगाए जाने के मुद्दे को लेकर CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास पर निशाना साधा. जब सदन में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 को लेकर चर्चा चल रही थी, उसी दौरान ब्रिटास ने सरकार पर आरोप लगाया कि अमेरिका के दबाव में UPI पेमेंट पर शुल्क लगाने की तैयारी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि, ‘ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के खिलाफ है, जिसमें डिजिटल पेमेंट सिस्टम को फ्री पब्लिक गुड यानी लोगों के लिए मुफ्त सार्वजनिक सुविधा बताया गया था’. ब्रिटास ने ये भी दावा किया कि, इसी तरह का दबाव ब्राजील पर भी डाला गया था. उनके मुताबिक, सरकार की ये नीति 2017 से 2025 तक की उस नीति से अलग है, जिसमें व्यापारियों और ग्राहकों से डिजिटल पेमेंट शुल्क नहीं लिया जाता था.
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क्यों नाराज हुईं वित्त मंत्री?
ब्रिटास ने अपनी बात रखी और सवाल पूछे, लेकिन जब बात वित्त मंत्री के जवाब देने की आई तो वो सदन से चले गए. इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि, ‘विपक्षी सदस्य तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं और जब सरकार उनकी बातों का जवाब देती है तो वो उसे सुनने के लिए मौजूद नहीं रहते. ब्रिटास देश में UPI शुल्क को लेकर भ्रम फैला रहे हैं.’

सीतारमण ने ये भी कहा कि, ‘मैं सभी सांसदों की बातें सुनती हूं और चर्चा के दौरान उनके सवालों का जवाब देने की कोशिश करती हूं. अगर किसी सांसद को बोलने का अधिकार है, तो उसे सरकार का जवाब सुनने का भी अधिकार और जिम्मेदारी समझनी चाहिए.’
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