नागपुर में तीन दिन पहले 12वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा को किडनैप करके उसका यौन उत्पीड़न किया गया था। उस मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासा हुए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने एक बड़े सरकारी अधिकारी की पीड़ित बेटी को सीधे निशाना नहीं बनाया था। उसने पहले पीड़िता की सबसे करीबी दोस्त से नजदीकी बढ़ाई और उसी के जरिए छात्रा तक पहुंच बनाई। पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपी चार अन्य लड़कियों के संपर्क में भी था। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि कहीं उसने इसी तरीके से दूसरी लड़कियों को भी अपने जाल में तो नहीं फंसाया।


सोशल मीडिया और गेमिंग एप से किशोरियों से दोस्ती की
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सोशल मीडिया और गेमिंग ऐप का इस्तेमाल कर पहले किशोरियों से दोस्ती की और फिर उनका भरोसा जीतकर उनके परिवार और दिनचर्या से जुड़ी जानकारी जुटाई। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया अपराध था। इस मामले में पुलिस ने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की बेटी को नागपुर के एक किराए के फ्लैट से सुरक्षित छुड़ाया। आरोप है कि आरोपी ने उसे 24 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ यौन उत्पीड़न किया, नशीले पदार्थ दिए, वीडियो बनाए, उस पर कोड़े बरसाए और चाकू से हमला भी किया।
पीड़िता को लंबे समय तक फ्लैट में बंधक बनाकर रखने की थी तैयारी
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने वारदात से पहले पूरी तैयारी कर रखी थी। पुलिस ने फ्लैट से नशीली गोलियां, स्प्रे, तीन धारदार चाकू, हथकड़ी, मजबूत नायलॉन की रस्सी, धातु का बेल्ट, हवा से भरने वाला गद्दा और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि इन सामान से साफ संकेत मिलता है कि आरोपी लंबे समय तक पीड़िता को बंधक बनाकर रखने की तैयारी कर चुका था। आरोपी ठाणे के एक चिकित्सक का बेटा और एक पुलिस अधिकारी का भतीजा बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद भी वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। उसने अपनी मेडिकल जांच कराने से इनकार कर दिया है और अपने और पीड़िता का मोबाइल खोलने के लिए पासवर्ड भी नहीं बताया। पुलिस का कहना है कि वह डिजिटल साक्ष्य जुटाने में लगातार बाधा डाल रहा है।
आरोपी ने जेल में मांगे पिज्जा और मुलायम बिस्तर
हैरानी की बात यह भी है कि पुलिस हिरासत में आरोपी ने विशेष सुविधाओं की मांग की। उसने पिज्जा, बेहतर भोजन, मुलायम बिस्तर और मच्छर भगाने की दवा उपलब्ध कराने की मांग की, साथ ही लॉकअप की व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि कानून के तहत उसकी बुनियादी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, लेकिन किसी तरह की विशेष सुविधा नहीं दी जाएगी। मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि पीड़िता अभी गहरे सदमे में है। उसकी मानसिक स्थिति सामान्य होने के बाद विस्तृत बयान दर्ज किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और पॉक्सो समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने मीडिया को बताया कि, जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अब यह है कि आरोपी के संपर्क में आई अन्य लड़कियों की भी पहचान की जाए।
