संयुक्त राष्ट्र के रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गाजा में इजरायल बच्चों को फिर से निशाना बना रहा है. यूएन के एक स्वतंत्र जांच आयोग ने मंगलवार (23 जून 2026) को बताया कि इजरायली सेना गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ जानबूझकर बच्चों को निशाना बनाकर नरसंहार जैसा काम जारी रखे हुए है. इसमें दावा किया गया है कि इजरायल में चल रहे सैन्य अभियानों ने पूरे गाजा क्षेत्र में फिलिस्तीनी बच्चों को काफी चोट पहुंचाया है.
1,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए: यूएन
रिपोर्ट में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया कि इजरायल पिछले आठ महीनों से हवाई हमले जारी रखे हुए है, जिनमें 250 से अधिक बच्चों सहित 1,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं. इसमें कहा गया है कि गाजा में इजरायली सेना की ओर से मारे गए लोगों में से लगभग 30 प्रतिशत बच्चे थे.
यह पिछले साल प्रकाशित यूनाइटेड नेशन कमीशन की एक पिछली रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें यह निष्कर्ष निकाला गया था कि इजरायल ने गाजा में नरसंहार किया था और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित इजरायली अधिकारियों ने ऐसे अपराधों को उकसाया था. नेतन्याहू के खिलाफ कथित युद्ध अपराधों के आरोप में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है.
फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ नरसंहार का इरादा: UN
कमेटी ने कहा कि बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाना इस बात का संकेत है कि इजरायल का फिलिस्तीनी लोगों के प्रति नरसंहार का इरादा है. इसमें ये भी कहा गया कि सीजफायर लागू होने के बाद भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहीं. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, जांच आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवासन मुरलीधर ने कहा, ‘अक्टूबर 2025 में हुए युद्धविराम के बाद भी, इजरायल द्वारा युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत फिलिस्तीनी बच्चों को दी जाने वाली सुरक्षा की लगातार अवहेलना के चलते बच्चों की हत्याएं और गंभीर चोटें जारी हैं.’
इजरायल ने नरसंहार के आरोपों को खारिज किया: यूएन
इजरायली सरकार ने नरसंहार के आरोपों को बार-बार खारिज किया है और यूनाइटेड नेशन कमीशन के लेटेस्ट रिपोर्ट निंदा की है. इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को प्रोपेगेंडा कहकर खारिज कर दिया. वहीं यूएन में इजरायल के राजदूत डैनी डेनन ने इसे संयुक्त राष्ट्र के दस्तावेज के रूप में छिपा हुआ एक राजनीतिक रूप से प्रेरित और झूठा रिपोर्ट बताया.
इजरायल का कहना है कि हमास ने सीजफायर का नियम तोड़ा है और अपने हथियार सरेंडर करने से मना कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस वजह से इजरायल ने गाजा में निर्माण सामग्री और भारी मशीनें ले जाने पर रोक लगा रखी है. जिस वजह से गाजा के ज्यादातर लोग आज भी तंबुओं में रहने को मजबूर हैं.’
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