पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सेना के कत्लेआम के खिलाफ 9 जून से जारी विद्रोह के प्रमुख चेहरे सरदार अमान ख़ान ने रावलाकोट से पाकिस्तान को धमकी दी थी कि अगर उन्होंने पुंछ जिले में 10 अगस्त को प्रस्तावित चुनाव को करवाने की कोशिश की तो उसके परिणाम बेहद खराब होंगे. अमान खान ने चुनाव ना होने देने की चेतावनी, किसी की मौत पर पढ़े जाने वाला फातिहा “इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही राजिऊन” पढ़कर दी थी, जिसका मतलब था कि पाकिस्तान द्वारा अगर 10 पुंछ डिवीजन में चुनाव करवाने की कोशिश की गई तो चुनाव कर्मियों की मौत तय है.
इसी धमकी से डरकर पीओके की पुंछ डिवीजन की प्रस्तावित 11 सीटों में से 7 सीटों पर 10 अगस्त को प्रस्तावित चुनाव को अनिश्चितकाल तक आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है. पीओके की पुंछ डिवीजन की अब सिर्फ 4 सीटें, जिसमें बाग जिले की 3 सीट बाग-1,बाग 2, बाग-3 साथ ही हवेली जिले की सीट बाग-4 पर 10 अगस्त को चुनाव होंगे. चुनाव आयोग ने कहा कि पीओके के गृह सचिव की रिपोर्ट और राजनैतिक पार्टियों के उम्मीदवारों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद 7 सीटों पर चुनाव स्थगित करने का फैसला लिया गया है.
मतदान अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
जिन 7 सीटों पर मतदान अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए गए हैं उनमे पुंछ जिले की 5 सीट पुंछ एवं सुधनोती-1 (अब्बासपुर), पुंछ & सुधनोती-2 (हजीरा), पुंछ & सुधनोती-3 (अली सोजल), पुंछ & सुधनोती-4 (रावलाकोट),पुंछ & सुधनोती-5 (पच्चिओट) और सुधनोती ज़िले की 2 सीट पुंछ & सुधनोती-6 (पालंदरी) और पुंछ & सुधनोती-7 (बलोच) शामिल हैं.
पीओके के पुंछ डिवीजन का हेडक्वार्टर रावलाकोट 9 जून से ही विद्रोह का गढ़ है और पुंछ जिले की 5 में से 2 सीटें सीधा रावलाकोट शहर में आती हैं और बची हुई 3 सीट पच्चिओट, अब्बासपुर और हजीरा विद्रोहियों का गढ़ है. सरदार अमान ख़ान सुधनोती ज़िले के रहने वाले हैं और यहां की भी 2 सीट पालंदरी और बलोच में हर रोज़ विद्रोह की आग भड़क रही है.
चुनाव में जमकर धांधली
पीओके में तीसरे चरण का मतदान महज एक खानापूर्ति बचा है क्योंकि पहले और दूसरे चरण के बॉयकॉट वाले चुनाव में जमकर धांधली हुई है. शहबाज़ शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) को 34 सीटों में से 24 सीटें जिताई जा चुकी हैं और पीओके की 45 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 23 सीटें पहले ही पीएमएल (एन) हासिल कर चुकी है.
9 जून से चल रहे प्रदर्शन के दो बड़े चेहरे सरदार अमान ख़ान और उमर नज़ीर दोनों ही चुनाव के नतीजों को “फ्रॉड इलेक्शन” घोषित करके ना मानने का ऐलान कर चुके हैं. अमान ख़ान ने यहां तक कहा था कि पीओके की एक-एक सीट पर किसे जीतना है इसका फैसला ISI के सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर फैक अयूब ने किया था.
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