
RBI MPC Meeting: अगर आप इस महीने में नया घर या गाड़ी लेने का प्लान बना रहे हैं तो इस हफ्ते चल रही रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर नजर रखना जरूरी है. 2 दिन चलने वाली इस बैठक में रेपो रेट को लेकर फैसला लिया जाएगा, जिसका सीधा असर आपकी EMI और बैंक लोन की ब्याज दरों पर पड़ सकता है. हालांकि, ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस बार RBI रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और मौजूदा दर को ही बरकरार रख सकता है.
क्या होता है रेपो रेट?
रेपो रेट वो ब्याज दर है, जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है. जब आरबीआई रेपो रेट घटाता है, तो बैंकों के लिए पैसा सस्ता हो जाता है. इसका फायदा ग्राहकों को कम ब्याज दर और कम ईएमआई में मिल सकता है. वहीं, रेपो रेट बढ़ने पर लोन महंगे हो जाते हैं.
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क्या सस्ता होगा होम और कार लोन?
अगर लोन के सस्ता होने की बात करें तो फिलहाल इसकी संभावना कम दिखाई दे रही है. बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए आरबीआई इस बैठक में स्टेटस-को बनाए रख सकता है. यानी रेपो रेट में कटौती नहीं होने पर होम, कार और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में भी तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है.
ईएमआई पर क्या पड़ेगा असर?
अगर आरबीआई रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करता है, तो फ्लोटिंग रेट वाले नए और मौजूदा लोन की ईएमआई में भी फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा. वहीं, अगर आगे चलकर रेपो रेट में कटौती होती है तो बैंकों की ओर से ब्याज दर घटाने पर ईएमआई कम हो सकती है.

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लोन लेने वाले क्या करें?
अगर आपको तुरंत घर या कार खरीदने के लिए लोन की जरूरत है तो केवल रेपो रेट कटौती के इंतजार में फैसला टालना जरूरी नहीं है. लेकिन अगर आपका फैसला कुछ समय के लिए टल सकता है, तो आरबीआई की बैठक के नतीजे आने तक इंतजार करना बेहतर हो सकता है, क्योंकि आगे की ब्याज दरों के बारे में वही से पता चलेगा.
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