सपा विधानमंडल दल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से 10 साल में 26386 स्कूल बंद हो गये। प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या घट गयी है। प्रदेश में कुल 28 लाख छात्रों का नामांकन घटा है। उसमें से 25 लाख बच्चे पिछड़े और दलित समाज के है। इनमें 16 लाख बेटियां है। इसी तरह सरकारी शिक्षकों की संख्या 62 हजार घट गयी है। कक्षा एक से आठ तक शिक्षकों के स्वीकृत पद 1 लाख 40 हजार कम हो गये है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सबसे ज्यादा लखीमपुर खीरी में 758 प्राइमरी स्कूल मर्जर और बंद हुए है। सीतापुर में 650, प्रयागराज में 638, गोरखपुर में लगभग पांच सौ स्कूल बंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में 2017 में 1 लाख 13 हजार 938 प्राइमरी स्कूल थे। भाजपा सरकार में इनकी संख्या लगातार घटती जा रही है। भाजपा ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।
उन्होंने कहा कि अब भाजपा को भी मालूम है कि वो फिर कभी सरकार में वापस नहीं आएंगे, इसीलिए विधानसभा को महत्व नहीं दे रहे हैं बस सत्र आयोजित करने की औपचारिकता निभा रहे हैं। भाजपा की चला-चली की बेला का मानसून सत्र भी चला-चली टाइप का सत्र है। अब भाजपा जाएगी, फिर कभी न आएगी।
चार दिन की सरकार बची है इसलिए चार दिन का सदन
चार दिन के मानसून सत्र बुलाने पर चुटकी लेते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि चार दिन की सरकार बची है, इसीलिए विधानमंडल का सत्र भी चार दिन का ही हो रहा है। पहला दिन भाजपा सरकार श्रद्धांजलि देने में निकाल देगी। दूसरा दिन अयोध्या के प्रभु रामजी के मंदिर में हुई सुनियोजित चोरी के महापाप की जिम्मेदारी अपने ऊपर से हटाकर केंद्र सरकार पर डालकर अपना पल्ला झाड़ने में निकाल देगी। तीसरा दिन प्रयागराज जैसे पूरे प्रदेश में हुए छात्र आंदोलन से बचने में निकाल देगी। चौथा दिन दुखी मां के सरेआम अपमान पर मुंह छिपाकर जल्दी से सत्र खत्म करने की घोषणा करने में निकाल देगी।

