केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में लोगों को त्योहारी सीजन से पहले CNG और PNG की कीमतों पर बड़ी राहत मिली है. यहां प्रशासन ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए नेचुरल गैस पर लगने वाले वैट (VAT) को 12.5% से घटाकर सीधे 5% कर दिया है. नई दरें 18 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि से पूरी तरह से लागू हो गई हैं.
आम आदमी को क्या होगा फायदा?
वैट की दर में 7% से ज्यादा की इस ऐतिहासिक कटौती से शहर में कॉम्प्रेस्ड प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी. चंडीगढ़ में इस वक्त घरेलू पीएनजी की कीमत करीब 54.70 रुपये प्रति एससीएम (SCM) है.
वैट में हुई इस भारी कटौती के बाद कीमतों में 3.42 रुपये प्रति एससीएम तक की कमी आने का अनुमान है. इसी तरह से गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी गैस की रिटेल कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा. सीएनजी की कीमत में प्रति किलोग्राम की गिरावट से वाहन चालकों और ऑटो-कैब ऑपरेटरों को सीधा फायदा होगा.
टैक्स में क्यों की गई कटौती?
वैट की दर में कमी के पीछे चंडीगढ़ प्रशासन का मकसद शहर में प्रदूषण को कम करना है और इसके लिए लोगों को पर्यावरण के अनुकूल ईंधन जैसे सीएनजी और पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है.
जाहिर सी बात है कि टैक्स कम होगी, तो गैस की सप्लाई करने वाली कंपनियों के लिए शहर में नैचुरल गैस नेटवर्क को बढ़ाने में मदद मिलेगी, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगी. चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के करीब 1.70 लाख घरों को पीएनजी कनेक्शन से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. ऐसे में गैस सस्ती होगी, तो लोग पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों को छोड़कर पीएनजी में शिफ्ट होंगे.
क्या होता है वैट?
वैट यानी कि Value Added Tax एक अप्रत्यक्ष कर है, जो किसी वस्तु के शुरुआती कच्चे माल से लेकर अंतिम रूप में ग्राहक तक पहुंचने के हर एक चरण पर लगाया जाता है. भारत में 1 जुलाई 2017 से पहले अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं पर वैट (VAT) ही लगाया जाता था, लेकिन 2017 में सरकार ने ‘एक देश, एक टैक्स’ प्रणाली के तहत वैट और अन्य कई टैक्सों को मिलाकर GST (Goods and Services Tax) लागू कर दिया.
हालांकि, भारतीय संविधान के नियमों के अनुसार, पेट्रोलियम उत्पाद (जैसे कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल, एटीएफ) और प्राकृतिक गैस जैसे कि CNG और PNG को अभी भी GST के दायरे से बाहर रखा गया है इसलिए चंडीगढ़ में वैट को घटाया गया है.
ये भी पढ़ें:
सीधे 8 रुपया महंगा होगा दूध! सरकार को मिल चुका है 3 दिनों का अल्टीमेटम


