धार की भोजशाला-कमाल मौलाना दरगाह परिसर के निकट जुम्मे की नमाज को लेकर देर रात स्थान तय हो गया हैं, पहले जहां खसरा नंबर 596 पर नमाज की बात कही जा रही थी। वहीं, प्रशासन व मुस्लिम समाज की बैठक के बाद स्थान को बदला गया है। अब समाज के लोग खसरा नंबर 611 व 612 पर नमाज पढ सकेंगे, इस स्थान से दरगाह से कमाल मौलाना मस्जिद सीधे दिखाई देती है।
मुस्लिम समाज का कहना था कि जिला प्रशासन द्वारा पहले प्रस्तावित जगह पर नमाज अदा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। इधर नए स्थान के चयन का विरोध भी शुरु हो गया हैं, देर रात क्षेत्र के रहवासी सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचे। यहां पर लोगों ने बताया कि उक्त दोनों खसरा नंबर पर उनका पुस्तैनी हक हैं। हालांकि प्रशासन ने रहवासियों को आज सुबह सूचना दी कि उक्त जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज दोपहर 12 बजे तक प्रशासन के समक्ष पेश करें।
दरअसल कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान नमाज के स्थान को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी थी, आदेश के बाद कल देर शाम प्रशासनिक अमला भोजशाला पहुंचा था। जहां पर सबसे पहले खसरा नंबर की जानकारी राजस्व विभाग ने अधिकारियों के समक्ष दी। जिसके बाद मुस्लिम समाज के शहर काजी वकार सादिक, सदर अब्दुल समद सहित समाज के वरिष्ठों के साथ कलेक्टर राजीव रंजन मीणा व एसपी सचिन शर्मा ने बैठक की थी।
‘समाज की ओर से प्रशासन के साथ समन्वय बनाया जा रहा’
भोजशाला परिसर की बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 611 और 612 स्थित भूमि पर नमाज पढ़ने की अनुमति दी है। इस पर जिला प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच सहमति बन गई है। कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने बताया कि भोजशाला परिसर की बाउंड्रीवॉल से लगी इसी जमीन पर नमाज अदा की जाएगी। समाज की ओर से प्रशासन के साथ समन्वय बनाया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ये भी पढ़ें- पन्ना में रिश्तों का कत्ल: जमीन विवाद में कलयुगी बेटे ने मां की डंडे से पीटकर की हत्या, कुएं रखा था हथियार
कोर्ट जाएंगे रहवासी
कांग्रेस नेता व क्षेत्र के रहवासी अभिनव बिजवा ने बताया कि कल देर रात सभी को बुलाया गया था। यदि प्रशासन नमाज के लिए हमारी जमीन को समतल करने या दूसरी कोई कार्रवाई के लिए पहुंचता है, तो हम इसका विरोध करेंगे। बिना स्वामित्व स्पष्ट किए किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक संबंधित जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज पेश करने का समय दिया है। वे निर्धारित समय के भीतर सभी दस्तावेज प्रशासन को सौंप देंगे। यदि जरूरत पड़ी तो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
अब्दुल समद ने बताया कि जिस जमीन पर नमाज पढ़ी जानी है, वहां बारिश के कारण कीचड़ हो गया है। इसके अलावा उस जमीन पर खेती भी की जा रही है, इसको देखते हुए प्रशासन से नमाज स्थल तक सुरक्षित पहुंच मार्ग तैयार करने का अनुरोध किया गया है। वजू के लिए पानी, सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था कराने की मांग भी की गई है।

नए स्थान का लोग कर रहे विरोध।
जिला प्रशासन को शहर में शांति व्यवस्था बनाएं रखने के लिए भी उचित कदम उठाए हैं। शुक्रवार 31 जुलाई को शहर में अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया गया। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मौजूद है । एएसपी, सीएसपी, डीएसपी, एसडीओपी रैंक के अधिकारी सहित 350 का बल ड्यूटी पर है।


