पहले वस्तुनिष्ठ से वर्णनात्मक पद्धति में क्यों हुआ था बदलाव?
फडणवीस ने बताया कि इससे पहले दलवी समिति ने वस्तुनिष्ठ परीक्षा पद्धति से वर्णनात्मक परीक्षा पद्धति में जाने की सिफारिश की थी। इसके बाद सरकार और एमपीएससी ने यह बदलाव लागू करने का फैसला किया था।
अब वस्तुनिष्ठ पद्धति फिर से लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है। फडणवीस ने कहा कि लगभग सभी सुनवाई में यह मांग उठाई जा रही है। खास तौर पर छात्र प्रतिनिधि इस मांग को मजबूती से रख रहे हैं।
उन्होंने कहा, “लेकिन उस फैसले के बाद अब वस्तुनिष्ठ पद्धति पर लौटने की मांग लगभग सभी सुनवाई में बहुत मजबूती से उठाई जा रही है, खासकर छात्र प्रतिनिधियों की ओर से।”
फडणवीस के अनुसार, अगर समिति वर्णनात्मक पद्धति से फिर वस्तुनिष्ठ पद्धति में जाने की सिफारिश करती है या किसी अन्य बदलाव का सुझाव देती है, तो सरकार उसे स्वीकार करने के लिए सकारात्मक रहेगी।
उन्होंने कहा, “अगर समिति सिफारिश करती है कि हमें वर्णनात्मक पद्धति से वापस वस्तुनिष्ठ पद्धति में जाना चाहिए या किसी अन्य बदलाव का सुझाव देती है, तो सरकार उसे स्वीकार करने के लिए सकारात्मक रहेगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार उच्चाधिकार समिति की रिपोर्ट का इंतजार करेगी।

