- 8वां वेतन आयोग विभिन्न शहरों में कर्मचारी संगठनों से मिल रहा है.
- टीम लखनऊ के बाद भुवनेश्वर, कोलकाता का दौरा कर बैठकें करेगी.
- आयोग डेटा हेतु मंत्रालयों से संपर्क में; समय सीमा बढ़ी है.
- रिपोर्ट का मसौदा अगस्त-दिसंबर 2024 तक तैयार होने की उम्मीद है.
8th Pay Commission Updates: 8वां वेतन आयोग इस वक्त एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर है. इनके लिए फैसले का असर लाखों केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिवार के सदस्यों पर पड़ेगा. इस क्रम में आठवें वेतन आयोग की टीम सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपने से पहले अलग-अलग शहरों में जाकर कर्मचारी यूनियनों और संगठनों से मीटिंग कर रही है. अब टीम ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में जाने की तैयारी में है.
अब कहां जाएगी आयोग की टीम?
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में टीम ने हाल ही में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का दौरा पूरा किया. अब 6-7 जुलाई को ये भुवनेश्वर के दौरे पर होंगे, जहां उनकी रेलवे, डिफेंस और दूसरे केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों के साथ आमने-सामने बैठक होगी. भुवनेश्वर के बाद टीम 9 और 10 जुलाई को कोलकाता का दौरा करेगी. यहां पूर्वी भारत के हितधारकों के साथ अंतिम दौर की चर्चाएं होंगी.
मंत्रालयों से भी हो रही बातचीत
आठवें वेतन आयोग की टीम सिर्फ कर्मचारी यूनियनों के साथ ही बात नहीं रही है, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों से भी बात कर रही है कि ताकि सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ का सही आकलन किया जा सके. अभी भी कई ऐसे विभाग, मंत्रालय और केंद्र शासित प्रदेश हैं, जो अब तक कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़ा डेटा अपलोड नहीं कर पाए हैं इसलिए आयोग ने डेटा सबमिशन की तारीख भी 30 जून से बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी है.
रिपोर्ट बिल्कुल सटीक हो और इसमें कोई भी गलती न रहे इसके लिए आयोग सलाहकारों की भी नियुक्ति कर रहे हैं. आयोग की इस गति को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि इस साल अगस्त से दिसंबर के बीच अंतिम रिपोर्ट का मसौदा तैयार कर लिया जाएगा. उसके बाद 2027 के शुरुआती छह महीनों या उससे पहले ही वित्त मंत्री को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी. इस पर विचार-विमर्श और कैबिनेट की मुहर लगने के बाद ही इसे लागू कर दिया जाएगा.
ये भी पढ़ें:
पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में पीएम मोदी भी लगाते हैं पैसा, सिर्फ ब्याज से ही हो जाती है लाखों की कमाई


