यूरोप के कई हिस्सों में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. फ्रांस की राजधानी पेरिस में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में शामिल एफिल टावर को मंगलवार (23 जून) को समय से पहले बंद करने का फैसला किया गया. टावर के ऑपरेटर्स ने कहा कि कर्मचारियों और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.
फ्रांस में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है. राष्ट्रीय मौसम एजेंसी के अनुसार देश में औसत तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे गर्म दिन माना जा रहा है. आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, भीषण गर्मी के कारण फ्रांस में दो बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो चुकी है. अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है.
पड़ोसी देश स्पेन में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं. आमतौर पर अपेक्षाकृत ठंडा माने जाने वाला सान सेबेस्टियन क्षेत्र भी इस बार गर्मी की चपेट में है, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गर्मी यूरोप के कई इलाकों में सामान्य जीवन को प्रभावित कर रही है. लोगों को घरों में रहने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है.
ब्रिटेन में जारी हुई हेल्थ वॉर्निंग
उधर ब्रिटेन की यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने इंग्लैंड के छह क्षेत्रों वेस्ट मिडलैंड्स, ईस्ट मिडलैंड्स, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट, लंदन और ईस्ट ऑफ इंग्लैंड के लिए रेड हेल्थ वॉर्निंग जारी की है. यह चेतावनी बुधवार सुबह 1 बजे से गुरुवार रात 11 बजे तक प्रभावी रहेगी. एजेंसी के अनुसार गर्मी का स्तर इतना अधिक हो सकता है कि स्वस्थ लोगों के जीवन के लिए भी खतरा पैदा हो जाए. इसके अलावा परिवहन, भोजन और पानी की आपूर्ति, ऊर्जा सेवाओं तथा कारोबार पर भी असर पड़ सकता है.
ब्रिटेन में यह दूसरी बार है जब इतनी गंभीर रेड चेतावनी जारी की गई है. इससे पहले जुलाई 2022 में पहली बार ऐसा अलर्ट जारी किया गया था, जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था.
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