NEET UG 2026 परीक्षा को दोबारा कराना सिर्फ NTA का काम नहीं था, बल्कि “टीम भारत” का एक साझा प्रयास था। (Image source : AIR)
एनटीए ने अपने ताजा X पोस्ट में कहा है कि NEET (UG) 2026 की दोबारा परीक्षा सिर्फ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नहीं कराई, बल्कि यह पूरे देश के सामूहिक प्रयास का नतीजा थी। एजेंसी के मुताबिक 21 जून 2026 को भारत और विदेशों में बने कुल 5,454 परीक्षा केंद्रों पर 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने Re-NEET UG 2026 दी। रि-एग्जाम भारत में 5,440 केंद्रों और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की गई। छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी समेत 13 भाषाओं में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया।
एनटीए ने कहा कि आज उस दिन को याद करने का मौका है, जब देशभर में हजारों अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों, सुरक्षा बलों और प्रशासनिक टीमों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
एजेंसी के मुताबिक, यह सिर्फ NTA का काम नहीं था, बल्कि “टीम भारत” का एक साझा प्रयास था। देश के अलग-अलग हिस्सों में हजारों लोगों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई ताकि परीक्षा के दिन हर छात्र का ध्यान सिर्फ उसके सामने रखे प्रश्नपत्र पर रहे, न कि किसी अव्यवस्था या परेशानी पर।
हर छात्र का रखा गया खास ध्यान
एनटीए के मुताबिक, परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। इनमें 10,000 से ज्यादा दिव्यांग (PwD) अभ्यर्थी भी शामिल थे। इसके अलावा करीब 81 ऐसे छात्रों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई थी, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। इनमें एक छात्र सड़क हादसे का शिकार हुआ था, जबकि एक अन्य छात्र कीमोथेरेपी करा रहा था। इसके बावजूद दोनों ने वर्षों की तैयारी के बाद परीक्षा देने का फैसला किया। एनटीए ने कहा कि ऐसे हर छात्र तक पहुंचने और उन्हें परीक्षा में शामिल कराने के लिए काफी विस्तृत योजना और समन्वय की जरूरत पड़ी, जिसकी जानकारी आमतौर पर उम्मीदवारों को नहीं होती।
पूरी सरकारी मशीनरी ने मिलकर संभाली जिम्मेदारी
परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देशभर के केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और राज्य पुलिस के सहयोग से दो चरणों वाली तलाशी (फ्रिस्किंग) की व्यवस्था की गई थी।
इसके अलावा सीसीटीवी निगरानी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल और कमांड सेंटर बनाए गए थे। ये केंद्र एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के अलावा उच्च शिक्षा विभाग के 34 केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों, सभी राज्यों और जिला कलेक्टर कार्यालयों में स्थापित किए गए थे, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर रियल टाइम नजर रखी जा सके और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
एनटीए ने बताया कि NEET (UG) 2026 परीक्षा का सफल आयोजन सिर्फ एक एजेंसी के दम पर नहीं हुआ, बल्कि इसके लिए केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों, सुरक्षा एजेंसियों, बैंकों और राज्य सरकारों ने मिलकर काम किया।
परीक्षा संचालन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), विदेश मंत्रालय, डाक विभाग, भारतीय वायु सेना, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, रेल मंत्रालय, नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY), वित्तीय सेवा विभाग, रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय ने अहम भूमिका निभाई।
इसके अलावा देश के प्रमुख सरकारी बैंक—स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और यूको बैंक—ने भी सहयोग दिया। एनटीए के मुताबिक, राज्य सरकारों और कई अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर किए गए इस व्यापक समन्वय की वजह से देशभर में परीक्षा का आयोजन सुचारु रूप से कराया जा सका।
राज्यों ने भी बढ़-चढ़कर निभाई जिम्मेदारी
एनटीए के मुताबिक, कई राज्य सरकारों ने परीक्षा देने आए छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए अतिरिक्त सुविधाओं का इंतजाम किया। परीक्षा केंद्रों पर छाया, पीने का पानी और भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैयार रखा गया था। कई राज्यों में छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए मुफ्त परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। यानी राष्ट्रीय स्तर पर बनाए गए दिशा-निर्देशों को स्थानीय स्तर पर हर परीक्षा केंद्र तक प्रभावी ढंग से लागू किया गया।
परीक्षा के आयोजन का पैमाना कितना बड़ा था?
एनटीए ने बताया कि NEET (UG) 2026 के आयोजन के लिए देशभर में करीब 7 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया था। इनमें पुलिसकर्मी, पर्यवेक्षक (Observers) और परीक्षा संचालन से जुड़े स्टाफ शामिल थे। खास बात यह रही कि इतने बड़े स्तर की तैयारी और व्यवस्था महज 37 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरी की गई।
एजेंसी ने देशभर के शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े उन विशेषज्ञों का भी विशेष आभार जताया, जिन्होंने अपना निजी समय निकालकर प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार करने में सहयोग दिया। एनटीए के अनुसार, इन विशेषज्ञों के योगदान से परीक्षा को सुरक्षित, निष्पक्ष और सुचारु रूप से आयोजित करना संभव हो सका।
20 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी, एक परीक्षा और पूरे देश की संयुक्त तैयारी।
एनटीए ने कहा कि 21 जून को आयोजित NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा सिर्फ एक एग्जाम नहीं थी, बल्कि यह देश की प्रशासनिक क्षमता और समन्वय का बड़ा उदाहरण थी। केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों, नौकरशाही, पुलिस, जिला प्रशासन और स्थानीय स्तर की टीमों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा के दिन हर छात्र बिना किसी परेशानी के अपनी सीट पर बैठकर सिर्फ परीक्षा पर ध्यान दे सके।
एजेंसी ने परीक्षा में शामिल हुए सभी 20 लाख से ज्यादा छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी तैयारी और मेहनत के दम पर परीक्षा दी। साथ ही उन लाखों लोगों का भी आभार जताया गया, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर इस विशाल परीक्षा आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
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