CG Korea BJP Leader Murder Case: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के नौगई गांव में बीजेपी नेता समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जलाकर हत्या करने की घटना से पूरा देश-प्रदेश हैरान और स्तब्ध है। मामले में प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। जमकर राजनीति हो रही है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर गर्म है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार के संरक्षण में रेतमाफिया बेलगाम हैं। रेत के लिए भाजपाई गैंगवार कर रहे हैं। आये दिन हत्याएं हो रही हैं। सड़क पर कार में आदमी जिंदा जलाये जा रहे हैं। वहीं बीजेपी ने कहा कि अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। राजनीति छोड़कर सभी से प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाये रखने की अपील की गई है।

रेत से जुड़े कारोबारियों का नाम नहीं छापने की शर्त पर कहना है कि रेत के कारोबार को एक पैमाने में तौला नहीं जा सकता। यह लाखों रुपये से लेकर अरबों तक का खेल है। जो बिना सरकारी संरक्षण के चल ही नहीं सकता। सत्ता से जुड़े नेताओं की इसमें रुचि इस वजह से भी है कि नेतागिरी और रसूख का प्रभाव खत्म होने के बाद भी इस कारोबार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इस अवैध व्यवसाय को चमकाये रखने के लिये और ब्लैक मनी को वाइट मनी करने के लिये रेत माफिया फंडिंग भी आसानी से कर देते हैं। फिर वो चाहे चुनावी फंडिंग हो या कोई अन्य व्यवस्था। यही वजह से है कि इस कारोबार पर माफियाओं और राजनेताओं की पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है। उन पर किसी प्रकार की कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ता।

कोरिया हो या रायपुर हर जगह फलफूल रहा ये कारोबार
राजधानी रायपुर के आरंग के पास और धमतरी जिले के कुरूद में बड़े पैमाने पर नदी का सीना चीरकर रेत का खुलेआम कारोबार हो रहा है। एक दो नहीं बल्कि कई किलोमीटर तक रेत ही रेत का डंपिग है। जो जितना रसूखदार ठेकेदार है उसका रेत डंपिंग उतना ही बड़ा है। आपकी नजर जहां तक पड़ेगी वहां तक रेत का डंपिंग भी दिखाई पड़ेगा। आरंग के कई गांव ऐसे हैं जहां 500 घरों में करीब 400 लोगों के घर रेत ढुलाई के लिये ट्रैक्टर, हाइवा समेत कई मशीन और उपकरण हैं जो उनकी रोजी-रोटी का प्रमुख साधन है और यह कारोबार इस क्षेत्र में दोगुनी गति से बढ़ते जा रहा है।

रेत खनन और राजनीतिक सांठगांठ
रेत खनन और राजनीति का सांठगांठ इस काले कारोबार में जड़ तक समाया हुआ है। रेत खनन को लेकर पहले भी कई वारदातें सामने आ चुकी हैं। पुलिस पर राजनेताओं का दबाव होने से समूचित कार्रवाई नहीं होने से रेत माफिया और उनके लठैत खुलेआम हिंसक खूनी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। रेत के कारोबार में सत्ता का दखल इस कदर घुस गया है कि राजनेता अपने चहेते, मनमाफिक और खास लोगों को रेत का रेट तय करने से लेकर ठेके दिये जाने तक के खेल में जमकर लाबिंग और सिंडिकेट चला रहे हैं। विधायक, सांसद, मंत्री, नेता, थाना प्रभारी, पुलिस ऑफिसर सबको रेत माफिया कमीशन पहुंचा रहे हैं। कमीशन को खेल निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक चल रहा है। रेत माफियाओं की राज्य स्तर के नेताओं से लेकर दिल्ली के गलियारे तक अच्छी-खासी मजबूत पकड़ है। ऐसे दबंग रेत ठेकेदार और रेत माफियाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आसानी से दिख जायेगी। इससे साबित होता है कि उनकी पकड़ कैसी है और उनकी पहुंच कहां तक है। इसी वजह से रेत का वैध-अवैध कारोबार दिनरात जमकर फलफूल रहा है।

खनिज विभाग और पुलिस की नाममात्र की कार्रवाई
इस रेत के कारोबार में सत्तारूढ़ दल के लोग शामिल हैं और सरकार में बैठे लोग उनको प्रश्रय दे रहे हैं। नेता सत्ता के प्रभाव से ऐसे रेत कारोबारियों को आसानी से बचा लेते हैं। वहीं सत्ता का दबाव होने से पुलिसिया कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह जाती है। खनिज विभाग भी दो-चार ट्रक को दबोच कर नाममात्र की कार्रवाई दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर लेता है। कार्रवाई हो भी कैसे? आखिर यह विभाग भी तो सरकारी ही है।

सरकारी संरक्षण में रेतमाफिया बेलगाम: दीपक बैज
इस मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पूरे प्रदेश में अब रेत का व्यापार बीजेपी नेताओं के बीच में गैंगवार का कारण बन चुका है। प्रदेश में रेत के लिए खून-खराबा मचा हुआ है। कोरिया जिले में बेहद ही डरावनी घटना घटी। एक भाजपा नेता ने दूसरे भाजपा के नेता उसके भाई और उसके साथी को फॉर्च्यूनर गाड़ी में बंद करके पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया और तीन लोगों की मृत्यु हो गई। सरकार के संरक्षण में रेत माफिया बेलगाम हो चुके हैं। भाजपा के विधायक, सांसद, मंत्री सीधी रेत के कारोबार में लिप्त है, उनके संरक्षण में अपराधी फलफूल रहे हैं।
सत्ता के संरक्षण में खूनी खेल
उन्होंने कहा कि सत्ता के संरक्षण में पूरे प्रदेश में रेत का खूनी खेल चल रहा है। रेत के कारोबार में कहीं किसी की हत्या हो रही है, कहीं चाकूबाजी हो रही है। खुलेआम माफियाराज चल रहा है। पूरे प्रदेश के रेत घाटो में और सरकार सोई हुई है। सरकार में बैठे लोग पैसा कमाने के लिए पूरे प्रदेश में रेत के धंधे में खूनी खेल रहे हैं। चारों तरफ भय का माहौल है। पूरे प्रदेश में रेत के कारण गोलियां चल रही हैं। हत्या हो रही है और चाकू मारा जा रहा है।

एक नजर में छत्तीसगढ़ में रेतमाफियों का आतंक
- एक पखवाड़ा पहले ही जांजगीर-चांपा के जैजेपुर में घर में घुसकर के दो भाइयों को गोली मारी गई।
- कुछ दिनों पहले बलरामपुर में रेत माफिया ने पुलिस कांस्टेबल पर ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या कर दी।
- राजनांदगांव में रेत माफिया ने गोली बारी की।
- गरियाबंद में रेत माफिया ने खनिज इंस्पेक्टर और माइनिंग अधिकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
- बस्तर में अवैध रेत के खिलाफ खबर चलाने के कारण बस्तर में पत्रकार बप्पी राय सहित चार पत्रकारों को गांजा तस्करी के झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया।
- बिलासपुर के मस्तूरी में गोलियां चली।
- रायगढ़ में कोयले के लिए घंटों तक ओडिशा बार्डर पर गोलियां चली।


