मैहर जिले के बदेरा क्षेत्र अंतर्गत बहीली गांव में वन भूमि पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर मंगलवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वन विभाग और ग्रामीण आदिवासियों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प और पथराव में बदल गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, बहीली गांव के कक्ष क्रमांक P-580 की वन भूमि पर आदिवासी समाज बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित कर रहा था। इसी दौरान वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भूमि को वन विभाग की संपत्ति बताते हुए निर्माण कार्य रोकने का प्रयास किया। इस पर ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच विवाद बढ़ गया।
समझौते के उल्लंघन का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और वन विभाग के साथ पहले एक लिखित समझौता हुआ था, जिसके तहत प्रतिमा स्थापना को लेकर सहमति बनी थी। उनका कहना है कि बाद में वन विभाग ने उसी समझौते का पालन नहीं किया और प्रतिमा स्थापना रोकने का प्रयास किया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया।
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पथराव और अफरा-तफरी से तनावपूर्ण माहौल
विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि अभी तक किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन झड़प के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है।
भारी पुलिस बल तैनात, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। मामले की जांच के बाद ही विवाद के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है।

