लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

‘कल जेन अल्फा, बीटा आ जाएगी’:छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने को लेकर वकील की दलील, Cji सूर्य कांत ने क्या कहा? – Petitioner Urges Supreme Court Not To Allow Withdrawal Of Cases Against Student Protesters

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को किसी राजनीतिक फैसले के आधार पर वापस लिया गया, तो यह भविष्य के आंदोलनों के लिए खतरनाक मिसाल बन जाएगी। उन्होंने आगाह करते हुए कहा, कल जेनरेशन अल्फा, बीटा, डेल्टा भी आएगी। 

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि हाल के छात्र प्रदर्शनों में हिंसा से जुड़े मामलों को केवल किसी राजनीतिक समझौते के आधार पर वापस न लिया जाए।

चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहन की बेंच ने इस मामले को छात्र प्रदर्शनों से जुड़े अन्य मामलों के साथ जोड़ दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जा सकती हैं। मनीष कुमार सोलंकी की ओर से दायर याचिका में प्रदर्शन के आयोजकों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता के वकील ने क्या कहा?

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील रिजवान अहमद ने कहा, यह प्रदर्शन मंत्री और पुलिस की जवाबदेही को लेकर था। हम इसे स्वीकार करते हैं। 15 दिन बीत चुके हैं। लेकिन आयोजकों की जवाबदेही का क्या? वे एक चैनल से दूसरे चैनल पर जाकर भड़काऊ बयान दे रहे हैं और आग को शांत करने से इनकार कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, इन तथाकथित आयोजकों की जवाबदेही कहां है? मैं उन्हें तथाकथित आयोजक इसलिए कह रहा हूं क्योंकि यह कोई पंजीकृत संगठन नहीं है।  उनका इशारा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की ओर था, जिसने नीट 2026 पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। रिजवान अहमद ने कहा कि कानून के मुताबिक किसी भी सभा या प्रदर्शन के दौरान अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए आयोजक भी जिम्मेदार होते हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों की मांग मानते हुए उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने पर सहमत हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भविष्य में गलत उदाहरण बनेगा।

उन्होंने कहा, कल राजस्थान में कानून-व्यवस्था की एक घटना हुई। एक युवक की मौत हो गई। सवाल यह है कि अगर राष्ट्रीय राजधानी के मामले में सरकार इतनी झुक रही है, तो क्या राजस्थान में भी यही उदाहरण बनेगा? वहां भी क्या सरकार छात्रों को खुश करने के लिए इसी तरह झुकेगी? 

इस पर सीजेआई सूर्य कांत ने कहा, ये युवा हैं। इन्हें काफी सलाह और मार्गदर्शन की जरूरत है। ताकतवर राज्य की ओर से किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई हालात को और बिगाड़ सकती है और आगे हिंसा का कारण बन सकती है। इससे बचना जरूरी है। 

वकील ने क्या दलील दी?


  • वकील रिजवान अहमद ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों को कड़ी आपराधिक सजा देने की मांग नहीं कर रहे हैं।

  • उन्होंने कहा कि जो नाबालिग प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे, उनसे सामुदायिक सेवा कराई जा सकती है।

  • हालांकि उन्होंने कहा, जो लोग पत्थरबाजी करते हैं, उन्हें सिर्फ इसलिए नहीं छोड़ा जा सकता कि सरकार की गलती सामने आ गई। 

  • उन्होंने दलील दी कि अगर ऐसे मामलों को माफ किया गया, तो दूसरे समूह भी संसद तक इसी तरह के प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे।

  • उन्होंने कहा, किसान शंभू बॉर्डर पर थे। कल जेनरेशन अल्फा, बीटा, डेल्टा आएगी। क्या शंभू बॉर्डर वाले कल ट्रैक्टर लेकर संसद आ जाएंगे? कल शाहीन बाग के लोग संसद पहुंच जाएंगे।

  • रिजवान ने कहा, अगर 500 लोग संसद में घुस जाते, तो कौन जानता कि उनके पास देसी बंदूक या देसी बम नहीं होता? संसद की सुरक्षा 500 लोगों को संभालने के लिए नहीं बनी है। वहां की सुरक्षा कहीं ज्यादा उन्नत है। वे गोली चला देते, फिर क्या होता? 

ये भी पढ़ें: E20: नितिन गडकरी के खिलाफ ऑनलाइन पोस्ट पर बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का आदेश

सीजेआई सूर्य कांत ने क्या कहा?


  • सीजेआई ने कहा, इस स्थिति को बहुत सावधानी से संभालने की जरूरत है। युवाओं को भरोसा दिलाना होगा कि उनकी बात सुनी जा रही है।

  • उन्होंने कहा कि पुलिस को भी बहुत संयम बरतना चाहिए, ताकि अगर कोई घटना हो भी जाए तो हालात नियंत्रण से बाहर न जाएं।

  • उन्होंने आगे कहा, हमें बहुत सावधानी से आगे बढ़ना होगा, ताकि युवा हिंसा का रास्ता न अपनाएं।

  • जस्टिस सूर्य कांत ने कहा, बेहतर तरीका यही है कि उन्हें समझाया जाए और शांत किया जाए कि सबसे ताकतवर व्यवस्था उनकी बात सुन रही है। 

इसके बाद बेंच ने इस मामले को पहले से लंबित दूसरे मामलों के साथ जोड़ दिया।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Commonwealth Games:ग्लासगो से गुजरात पहुंचा कॉमनवेल्थ गेम्स का फ्लैग, 2030 मेजबानी की तैयारियां शुरू – Ahmedabad Begins Road To 2030 Commonwealth Games As Gujarat Receives Cwg Flag Know

एअर इंडिया को मिला नया नेतृत्व:टेवोल्डे गेबरमारियम बने सीईओ और एमडी; कैंपबेल विल्सन की लेंगे जगह – Air India Appoints Tewolde Gebremariam As Ceo & Md

Mp:पुलिया डूबी तो जान जोखिम में डाल स्कूल जा रही छात्राएं? गांववाले बोले-नई नहीं बना सकते तो मरम्मत ही करा दो – Students-risk-life-crossing-damaged-kopra-river-bridge-berkhedi-kalan-sagar

Bihar:कैबिनेट में सीएम सम्राट चौधरी ने 17 प्रस्तावों पर लगाई मुहर, 16 मेडिकल कॉलेज और 19 विशेष कोर्ट खुलेंगे – Bihar: Cm Samrat Chaudhary Approves 17 Proposals In The Cabinet; 16 Medical Colleges And 19 Special Courts

यूपी विधानसभा:हंगामे की भेंट चढ़ा मानसून सत्र, कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित; जानें दो दिन में क्या हुआ – Up Assembly: Monsoon Session Marred By Uproar, Proceedings Adjourned Sine Die; Here’s What Happened Over The T

Dispute Over Birsa Munda Statue Turns Violent In Maihar; Clash Between Forest Department And Tribals. – Madhya Pradesh News

Leave a Comment