लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

भेलपुरी या झालमुड़ी? नाम का नहीं, स्वाद और स्टाइल का भी है बड़ा अंतर, जानें दोनों स्ट्रीट फूड्स में कौन मारता है बाजी

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Jhalmuri vs Bhelpuri: शाम ढलते ही जब चटपटे स्वाद की तलब जागती है, तो दिमाग में सबसे पहले दो ही नाम आते हैं- झालमुड़ी और भेलपूरी. बहुत से लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं, लेकिन जायके के शौकीनों के लिए ये दोनों जमीन-आसमान की तरह अलग हैं. जहां झालमुड़ी बंगाल की गलियों की धड़कन है, वहीं भेलपूरी मुंबई की चौपाटी की शान. अगर आप भी इनके अंतर को लेकर कंफ्यूज हैं, तो हमारी यह खास रिपोर्ट आपके लिए ही है. झालमुड़ी का मतलब ही है ‘झाल’ यानी तीखा. इसे बनाने का अंदाज बिल्कुल देसी है. आइए, जानते हैं कि आपके पसंदीदा ‘मुरमुरे’ के इन दो अवतारों में आखिर क्या फर्क है.

बंगाल का तीखा एहसास है झालमुड़ी

  • सरसों तेल का जादू : झालमुड़ी की जान है कच्चा सरसों तेल. इसकी तीखी खुशबू इसे भेलपूरी से बिल्कुल अलग बनाती है.
  • कच्चा मसाला : इसमें उबले आलू, चने, बारीक कटा प्याज, खीरा और ढेर सारी हरी मिर्च डाली जाती है.
  • नारियल का तड़का : बंगाल में झालमुड़ी तब तक अधूरी है, जब तक उसमें नारियल के छोटे-छोटे टुकड़े न हों. इसे अक्सर कागज के ‘ठोंगे’ में परोसा जाता है.

मुंबई की खट्टी-मीठी तड़का वाला भेलपुरी

  • चटनियों का खेल : भेलपुरी में इमली की खट्टी-मीठी चटनी और पुदीने की तीखी चटनी का भरपूर इस्तेमाल होता है, जो इसे थोड़ा ‘गीला’ (Wet) टेक्सचर देती है.
  • पापड़ी और सेव : इसमें ऊपर से ढेर सारी करारी पापड़ी और बारीक बेसन के सेव डाले जाते हैं, जो हर बाइट में एक क्रंच पैदा करते हैं.
  • चाट मसाला : इसमें अमचूर और चाट मसाले का ज्यादा प्रयोग होता है, जिससे इसका स्वाद खट्टा-मीठा ज्यादा और तीखा संतुलित रहता है.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

झालमुड़ी और भेलपुरी : कौन है किस पर भारी?

फीचर झालमुड़ी (Jhalmuri) भेलपुरी (Bhelpuri)
मुख्य स्वाद तीखा और सरसों तेल की खुशबू खट्टा, मीठा और चटपटा
टेक्सचर सूखा (Dry) थोड़ा नमी वाला (Moist/Wet)
खास सामग्री कच्चा नारियल, चना, सरसों तेल इमली की चटनी, पापड़ी, बारीक सेव
परोसने का तरीका कागज का ठोंगा प्लेट या कोन (Cone)
सेहत के लिए कौन बेहतर? विशेषज्ञों की मानें तो दोनों ही स्ट्रीट फूड्स में मुड़ी या मुरमुरा (Puffed Rice) मुख्य होता है, जो लो-कैलोरी है. हालांकि, झालमुड़ी में कच्ची सब्जियों और कम मीठी चटनियों के कारण इसे थोड़ा ज्यादा ‘हेल्दी’ माना जा सकता है. भेलपुरी अपनी चटनियों के कारण स्वाद में बाजी मार ले जाती है.

Jhalmuri vs Bhelpuri: झालमुड़ी और भेलपुरी के स्वाद के बारीक अंतर को महसूस करें

चाहे आप कोलकाता के बाबूघाट पर झालमुड़ी का लुत्फ उठाएं या मुंबई के जुहू बीच पर भेलपुरी खाएं, ये दोनों स्नैक्स भारतीय स्ट्रीट फूड की पहचान हैं. अगली बार जब आप इन्हें खाएं, तो सरसों तेल और इमली की चटनी के इस बारीक अंतर को महसूस करना न भूलें.

इसे भी पढ़ें

जायके का जन्नत कोलकाता : ‘सिटी ऑफ जॉय’ में इन 5 स्ट्रीट फूड्स का जरूर लें आनंद

झालमुड़ी ही नहीं, इन 8 बंगाली डिशेज के भी दीवाने हैं लोग, स्वाद ऐसा जो बार-बार बुलाये बंगाल

गोलगप्पा और पानी-पुरी को मात देता है पुचका, कोलकाता की गलियों में क्यों फेल हैं दिल्ली और मुंबई के जायके?

PHOTOS: झारग्राम में सड़क किनारे दुकान में झालमुड़ी खाने पहुंचे पीएम मोदी, जीता लोगों का दिल

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment