कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धमैया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि गुजरात का तथाकथित विकास मॉडल मोरबी की घटना से खोखला साबित हुआ है, जबकि कर्नाटक का कल्याण आधारित मॉडल उससे बेहतर है।
राज्य में कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने की पूर्व संध्या पर तुमकुरु में ‘कर्नाटक विकास की ओर’ कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी सरकार ने 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कल्याणकारी गारंटी को लागू किया है। साथ ही विकास कार्य और व्यवस्था में सुधार भी किए हैं।
मोरबी की घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा
उन्होंने तुमकुरु जिले में 682 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी पर महंगाई, बेरोजगारी और कथित सांप्रदायिक राजनीति को लेकर निशाना साधा। उन्होंने गुजरात के मोरबी जिले की हालिया घटना का जिक्र किया, जिसमें 2,000 रुपये किराया न चुका पाने पर मकान मालिक और उसके साथी ने एक व्यक्ति की पत्नी और 13 वर्षीय बेटी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया।
उन्होंने कहा कि मोदी 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और 2014 से प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे प्रमुख भाजपा नेता पिछले 25 वर्षों से गुजरात से जुड़े रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, आपको समझना चाहिए कि गुजरात में आम लोगों की स्थिति किस स्तर तक पहुंच गई है। यह सोचकर ही डर लगता है कि देश की बागडोर किन अक्षम और क्रूर हाथों में दे दी गई है।
उन्होंने आगे कहा, इस वर्ष मई के पहले सप्ताह में गुजरात के मोरबी में एक ऐसी त्रासदी हुई, जिससे देश शर्मिंदा हुआ। एक गरीब मजदूर का परिवार 2,000 रुपये किराए के छोटे से घर में रहता था और किराया नहीं दे सका। किराया न देने पर मकान मालिक ने उसकी पत्नी और 13 वर्षीय बेटी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। यही गुजरात मॉडल है।
अदाणी समूह को कम दर पर जमीन देने का आरोप लगाया
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि गुजरात में लोगों की कठिन स्थिति के बीच अदाणी समूह को एक से 32 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से 15,946 एकड़ जमीन दी गई है। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार का मकसद जन कल्याण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा किया है। उन्होंने इसकी तुलना 2019 से 2023 तक कर्नाटक में रही भाजपा सरकार से की। भाजपा पर निशाना साधते हुए सिद्धारमैया ने उस पर ‘नफरत फैलाने और अर्थव्यवस्था कमजोर करने’ का आरोप लगाया।
ईंधन के बढ़ते दामों के लिए केंद्र की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार
ईंधन और रसोई गैस की कीमतों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में एलपीजी के दाम तेजी से बढ़े हैं और केंद्र सरकार की नीतियों के कारण महंगाई बढ़ी है। उन्होंने कहा, मोदी के कारण पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया और भाजपा-जद(एस) गठबंधन को ‘अवसरवादी गुट’ बताया।
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कांग्रेस सरकार की कल्याण योजनाओं का बचाव करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि 2023 से अब तक सरकार ने पांच गारंटी योजनाओं पर 1,40,233 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिनमें गृह लक्ष्मी पर 75,164 करोड़ रुपये, गृह ज्योति पर 30,080 करोड़ रुपये, अन्न भाग्य पर 19,974 करोड़ रुपये, शक्ति पर 14,015 करोड़ रुपये और युवा निधि पर 1,001 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं में कोई भ्रष्टाचार नहीं हो रहा है और न ही कोई बिचौलिया है। लाभ सीधे जनता तक पहुंचाया जा रहा है।

