
कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया गया है, जिसकी वजह से फ्लाइट सर्विस को बंद कर दिया गया है. एपी की रिपोर्ट के अनुसार ईरान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद उड़ानों को रोकना पड़ा. इस हमले में कई लोग घायल भी हो गए हैं. कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक बुधवार (3 जून 2026) सुबह कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया. हमले के बाद अधिकारियों को कई उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा और हवाई सेवाओं पर असर पड़ा. रिपोर्ट में जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी के हवाले से कहा गया कि एयरपोर्ट की टर्मिनल-1 इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है.
इससे पहले अमेरिकी सेना ने कहा था कि कुवैत की ओर दागी गई दो ईरानी मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिर गईं या टूट गईं. बहरीन की ओर दागी गई तीन मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीन की सेनाओं ने रास्ते में ही रोक लिया था. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान ने अपने आसपास के कई देशों की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन सभी अपने निशाने तक नहीं पहुंच सकीं. कमांड ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के हमले की कोशिश के जवाब में केशम द्वीप पर कार्रवाई की और कई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को तबाह कर दिया.
ये भी पढ़ें: ‘क्रिटिकल मिनरल्स पर चीन का बढ़ता दबदबा सुरक्षा के लिए खतरा’, बोले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
ईरानी ड्रोन को अमेरिकी सेना ने मार गिराया
सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने समुद्री क्षेत्र में नागरिक जहाजों को निशाना बना रहे ईरानी ड्रोन भी मार गिराए. इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित केशम आईलैंड पर भी जवाबी हमले किए गए. यह हाल के महीनों में दोनों पक्षों के बीच हुई कई सैन्य झड़पों की एक और बड़ी घटना मानी जा रही है. अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किए जाने के 3 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. हालांकि युद्धविराम लागू है, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब भी समुद्री यातायात के लिए पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है.
ईरानी मीडिया का दावा
ईरानी मीडिया का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है. दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत जारी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि पिछले कई दिनों से हर दिन बातचीत हो रही है और संपर्क बना हुआ है. मार्च के बीच से डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि एक ऐसे समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है, जिससे जंग खत्म हो सकता है. इसके बाद बातचीत करने वाले पक्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आगे चर्चा कर सकेंगे.
ये भी पढ़ें: भारत को तगड़ा झटका देंगे ट्रंप, फिर लगाएंगे टैरिफ, लिस्ट में चीन-बांग्लादेश का भी नाम, पाकिस्तान को छूट?

