US-Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने एक बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज पर हेलफायर मिसाइल दागी है. अमेरिकी सेना का दावा है कि जहाज ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के बावजूद ईरान के एक बंदरगाह की ओर बढ़ने की कोशिश की.
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम लागू है, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है. इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है.
इंजन रूम को बनाया गया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, गांबिया के झंडे वाला मालवाहक जहाज “लियान स्टार” ओमान की खाड़ी से होकर एक ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहा था. अमेरिकी सेना ने दावा किया कि जहाज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में यात्रा कर रहा था, लेकिन वह अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था.
सेंटकॉम ने बताया कि जहाज को रोकने के लिए रातभर में 20 से अधिक बार चेतावनी दी गई, लेकिन जहाज ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इसके बाद अमेरिकी बलों ने हेलफायर मिसाइल दागकर जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया, जिससे जहाज की गति रुक गई.

जहाज अब ईरान की ओर नहीं बढ़ रहा
हमले के बाद सेंटकॉम ने कहा कि जहाज अब ईरान की ओर आगे नहीं बढ़ रहा है. हालांकि अमेरिकी सेना ने जहाज की वर्तमान स्थिति को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि जहाज फिलहाल ओमान की खाड़ी में बहाव की स्थिति में है और अमेरिकी सैनिकों ने उस पर चढ़कर कोई कार्रवाई नहीं की है.
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अमेरिकी नाकेबंदी के तहत रोका गया छठा जहाज
यह कार्रवाई अप्रैल में शुरू की गई अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के तहत की गई है. अमेरिकी सेना के अनुसार अब तक छह जहाजों को नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश के दौरान रोका गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से एक जहाज को बाद में आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई, जबकि 116 से अधिक जहाजों का मार्ग बदलकर उन्हें अन्य दिशाओं में भेजा गया है. शुक्रवार को सेंटकॉम ने बताया था कि नाकेबंदी लागू होने के बाद से कम से कम 115 जहाजों को दूसरी दिशा में मोड़ा जा चुका है.
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा विवाद
अमेरिका ने यह नाकेबंदी उस समय लागू की थी जब मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही को प्रभावी रूप से बाधित कर दिया था. यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद क्षेत्र में समुद्री यातायात और सुरक्षा को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है.
संघर्षविराम के भविष्य पर बनी अनिश्चितता
इस सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिका और ईरान के बीच लागू संघर्षविराम को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है. अप्रैल की शुरुआत से संघर्षविराम काफी हद तक लागू है, लेकिन अब दोनों देशों के बीच 60 दिनों के संभावित विस्तार को लेकर बातचीत चल रही है. इस अवधि में ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता जारी रखने की योजना है.
ट्रंप ने की उच्चस्तरीय बैठक
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने वरिष्ठ सलाहकारों के साथ बैठक की. हालांकि अभी तक यह तय नहीं किया गया है कि संघर्षविराम को आगे बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात बहाल करने के लिए किसी समझौते को मंजूरी दी जाएगी या नहीं. वहीं ईरान ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बनी है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शनिवार को कहा कि यदि कूटनीतिक प्रयास असफल होते हैं तो अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य अभियान शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
