उमरिया से सटे अनूपपुर जिला के पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार को हुए दर्दनाक ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने से दो और लोगों की जान उपचार के बीच चली गई।

वहीं, अब मृतकों की संख्या छह हो गई है। जबकि 44 लोग घायल हुए थे। इस दुखद घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ के ग्राम बिजौरा में श्रद्धालुओं को लेकर मंदिर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने से हुई सड़क दुर्घटना में लोगों के असामयिक निधन एवं घायल होने का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा प्रदेश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।
चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी
मुख्यमंत्री ने हादसे में मृत हुए लोगों के परिजनों को राज्य शासन की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं की शांति व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की। शनिवार को इस हादसे से जुड़ी एक और दुखद जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर उपचार के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। वहां उपचार के दौरान दो और घायलों की मौत होने की खबर सामने आई है।
ये भी पढ़िए- MP: उमरिया के शनि धाम के पास मौत बनकर पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली, चार लोगों की दर्दनाक मौत; 41 लोग हुए घायल
धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे ग्रामीण
गौरतलब है कि शुक्रवार को ग्राम पड़मनिया और आसपास के करीब 50 ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान शनि धाम के पास वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे और कई लोग ट्रॉली के नीचे दब गए थे।
ये भी पढ़ें- हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष: इंदौर का ‘मालवा अखबार’ भी रच चुका इतिहास, उदन्त-मार्त्तण्ड के 22 साल बाद छपा था
घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव कार्य चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया था। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें घायलों के स्वास्थ्य पर टिकी हुई हैं। वहीं हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हो रहे यात्री परिवहन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
