- कल वाशिंगटन में पहली सुरक्षा वार्ता, हिजबुल्लाह ने इसे खारिज किया।
इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष और तनाव की स्थिति लगातार जारी है. इस बीच इजरायली सुरक्षा बल (IDF) ने गुरुवार (28 मई, 2026) को कहा कि इजरायल की वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगर पर हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) को अंजाम दिया है. इजरायल की तरफ से यह हमला शुक्रवार (29 मई, 2026) को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में होने वाली अहम बातचीत से ठीक एक दिन पहले हुई है, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से ही नाजुक सीजफायर पर और ज्यादा तनाव बढ़ गया है.
इजरायली वायुसेना का यह हमला बेरूत में स्थित एक अपार्टमेंट बिल्डिंग पर हुआ, लेकिन तुरंत यह साफ नहीं हो पाया कि इस हमले में आखिर निशाना किसे बनाया गया था. बेरूत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित उपनगर शुएफात से सोशल मीडिया पर आए वीडियो में एक रिहायशी इलाके से सफेद धुआं उठता हुआ दिखाई दिया.
एयर स्ट्राइक के कारण दक्षिणी लेबनान में बढ़ा तनाव
A few minutes ago, the Israeli regime attacked the capital of Lebanon, Beirut. The Israeli regime targeted a residential area in Beirut. The sound of children and women screaming can be heard in the video. pic.twitter.com/ELrAq1WD88
— IRNA News Agency ☫ (@IrnaEnglish) May 28, 2026
इजरायल की तरफ से की गई इस एयर स्ट्राइक की वजह से दक्षिणी लेबनान में तनाव बढ़ता जा रहा है, जहां पिछले कुछ दिनों में इजरायली सैनिक लिटानी नदी पार करके आगे बढ़ गए हैं और उन्होंने वहां के निवासियों को उस इलाके का ज्यादातर हिस्सा खाली करने की चेतावनी दी है. हाल के दिनों में इजरायल ने लेबनान पर अपने हमले तेज कर दिए हैं. पिछले महीने 17 अप्रैल को वाशिंगटन की मध्यस्थता से हुए सीजफायर समझौते के लागू होने के बाद से ये सबसे घातक दिन रहा है.
दोनों पक्षों के बीच कल होने वाली है पहली सुरक्षा वार्ता
लेबनान और इजरायल के सैन्य अधिकारी शुक्रवार (29 मई, 2026) को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में अपनी पहली सुरक्षा वार्ता करने वाले हैं. इस वार्ता के चलते 17 अप्रैल को लागू हुआ नाजुक सीजफायर आगे बढ़ गया है. हालांकि, उसके बाद से हमले और तेज हो गए हैं, जबकि बेरूत को इन हमलों से काफी हद तक बख्शा गया है.
हिजबुल्लाह ने इस वार्ता को सिरे से खारिज कर दिया है और इसके बजाय अपने प्रमुख सहयोगी ईरान का समर्थन किया है. ईरान ने लेबनान में युद्ध को खत्म करने को, पाकिस्तान की मध्यस्थता से वाशिंगटन के साथ होने वाली अपनी खुद की वार्ता के लिए एक शर्त बना दिया है.
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