पाकिस्तान सालों से आतंकवाद को पालता आया है और अभी भी यह सिलसिला चल रहा है. भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंक के मसले पर लताड़ लगाई है. उसने पूरी दुनिया के सामने पाक को बेनकाब किया है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि पाक को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के परिणाम भुगतने होते हैं. भारत ने यह भी कहा कि आतंकी हमलों से अपनी रक्षा करने का उसे पूरा अधिकार है.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने मंगलवार (26 मई) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा, ‘मुझे आज पाकिस्तान की निराधार और अनुचित टिप्पणियों का जवाब देना होगा. भारत तथ्यों को स्पष्ट करना चाहता है.’ उन्होंने कहा, ‘स्वतंत्र भारत ने अपने अस्तित्व की शुरुआत पाकिस्तान की सीमा पार आक्रामकता से लड़ते हुए की थी. पाकिस्तान उन भारतीय क्षेत्रों पर दावा कर रहा था, जो वैध, पूर्ण और अपरिवर्तनीय विलय की वजह से भारत का हिस्सा बने थे.’

पाकिस्तान के खिलाफ पर्वतनेनी की यह कड़ी प्रतिक्रिया सुरक्षा परिषद में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने तथा संयुक्त राष्ट्र केंद्रित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने विषय पर आयोजित बहस के दौरान आई. मई के लिए 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहे चीन ने इस बैठक की मेजबानी की.
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बैठक के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की. सुरक्षा परिषद की बहस को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाया और सिंधु जल संधि का भी जिक्र किया. भारत ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद इस संधि को स्थगित कर दिया था. इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी.
‘भारत को कमजोर करने की साजिश कर कर रहा पाक;
पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. पाकिस्तान की आलोचना करते हुए पर्वतनेनी ने कहा, ‘सीमा पार आतंकवाद का पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल और ‘हजार जख्म देकर भारत को कमजोर करने’ का उसका सिद्धांत, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति उसकी प्रतिबद्धता संबंधी खोखली बयानबाजी को उजागर करता है.’
#WATCH | At UNSC Open Debate, Permanent Representative of India to the UN in New York, Ambassador Parvathaneni Harish says, “I am compelled to respond to baseless and unwarranted remarks made by Pakistan today. India would like to set the facts straight. Independent India began… pic.twitter.com/jFu7o8SEm3
— ANI (@ANI) May 27, 2026
उन्होंने कहा, ‘भारत को ऐसे सीमा पार आतंकवाद से अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है. पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के परिणाम भुगतने होते हैं.’ भारतीय राजदूत ने कहा कि कई युद्ध छेड़कर, भारत के खिलाफ अकारण आक्रामकता दिखाकर और लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देकर पाकिस्तान ने संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है.
इनपुट – आईएएनएस
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