स्थानीय निकाय चुनाव में अक्सर सत्तारूढ़ दल पर ही पंजाब के मतदाताओं का भरोसा कायम रहता है क्योंकि सूबे के सयाने मतदाता जानते हैं कि डबल इंजन की सरकार होगी तभी उनके वार्डों के विकास को रफ्तार मिलेगी। अब की माैसम के गर्म मिजाज के साथ चुनावी माहाैल में भी काफी गर्मी दिखी। हिंसा हुई, हंगामे हुए और हो-हल्ले से चुनाव ग्रस्त दिखा।
उधर दिग्गजों से लेकर समर्थकों तक तल्खी देखी गई। परिस्थितियां संभालने के लिए पुलिस और अफसर भी दौड़ते रहे। शाम को चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद आप के नेताओं ने जीत का दावा करना शुरू कर दिया।
जवाब में विरोधियों ने भी इस बार खेला होने का दावा किया मगर दबी जुबां में वे बैलेट पेपरों में भी खेल होने की बात कहते रहे क्योंकि सूबे में इस बार चुनाव ईवीएम से नहीं हुआ। अब देखना यह है कि सत्तारूढ़ और विरोधी नेताओं के दावे में कितना दम है। फिलहाल मतपेटियां 29 मई को खुलेंगी और जनादेश सबके सामने होगा।