इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का लीग स्टेज खत्म हो चुका है. कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यह सीजन निराशा से भरा रहा. इस सीजन केकेआर के लिए सबसे बड़ा विदेशी तेज गेंदबाज रहा , जिस खिलाड़ी को खरीदने के लिए फ्रेंचाइजी ने 18 करोड़ रुपये खर्च किए थे, वह टीम के लिए लगभग पूरा सीजन नहीं खेल पाया.
सीजन 2026 के बीच में कोलकाता नाइटराइडर्स को उस समय बड़ा झटका लगा, जब स्टार पेसर मथीसा पाथिराना चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए. हालांकि, मुंबई इंडियंस पर राजस्थान रॉयल्स की जीत के साथ केकेआर की प्लेऑफ में जाने की उम्मीद खत्म हो गई थी. टीम को उम्मीद थी कि अगर पथिरण कि हुई तो उनकी गेंदबाजी टीम को मजबूती देगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका.
पाथिराना शुरुआत से ही फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे थे. उन्हें लीग में खेलने की अनुमति भी काफी मुश्किलों के बाद मिली थी. लंबे इंतजार के बाद जब वह पूरी तरह फिट नजर आए, तब टीम ने उन्हें गुजरात टाइटंस के खिलाफ मौका दिया. हालांकि, उनका मैदान पर सफर बेहद छोटा रहा. वह सिर्फ कुछ गेंदें ही फेंक पाए थे कि हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हो गए. इसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और फिर पूरे टूर्नामेंट में वापसी नहीं हो सकी.
करोड़ों का दांव नहीं आया काम
केकेआर ने मिनी ऑक्शन में पाथिराना पर बड़ा भरोसा जताते हुए 18 करोड़ रुपये खर्च किए थे. फ्रेंचाइजी को उम्मीद थी कि वह टीम की गेंदबाजी को नई पहचान देंगे, लेकिन चोटों ने सारी योजनाओं पर पानी फेर दिया. सोशल मीडिया पर फैंस ने इस मुद्दे को लेकर काफी प्रतिक्रियाएं दीं. कई लोगों ने इसे टीम के लिए सबसे महंगी असफलता बताया. हालांकि, खिलाड़ी की चोट को दुर्भाग्यपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उनकी फिटनेस शुरुआत से ही चिंता का विषय थी.
पाथिराना अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं थे, जिनकी गैरमौजूदगी ने टीम को प्रभावित किया. सीजन शुरू होने से पहले हर्षित राणा भी चोट के कारण बाहर हो गए थे. इसके अलावा बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को भी टीम से अलग करना पड़ा. इन लगातार झटकों का असर KKR की गेंदबाजी पर साफ दिखाई दिया. युवा गेंदबाजों ने प्रयास जरूर किए, लेकिन टीम को स्थिर प्रदर्शन नहीं मिल पाया.
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प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई टीम
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में KKR पूरे सीजन संघर्ष करती नजर आई. टीम 14 में से सिर्फ 6 मुकाबले जीत सकी और प्लेऑफ में जगह बनाने में असफल रही.


